पूज्य गुरु जी की पावन प्रेरणा से प्रेमी जगराम इन्सां बने मरणोपरांत भी समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण

बेटियों ने आगे बढ़कर सचखंडवासी जगराम इन्सां की अर्थी को कंधा देकर निभाया अपना फर्ज

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टिब्बी, (सच कहूँ/अंकित वधवा)। आधुनिक युग के दधीचियों के प्रेरणास्त्रोत पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा पर चलते हुए हर रोज कई नये दधीचि सामने आ रहे हैं। पूज्य गुरु जी की प्रेरणा का ही कमाल है कि डेरा सच्चा सौदा के सेवादार अपने जीवनकाल के दौरान मानवता को समर्पित रहते हैं और मरणोपरांत चिकित्सा रिसर्च के लिए शरीरदान कर अमर सेवा का मैडल अपने गले में पहना लेते हैं। शरीर दान की बात करना आम आदमी के लिए सामान्य बात होगी पर जब शरीर दान करने की बारी आती है तो वे दूसरी तरफ देखना शुरू कर देते हैं पर पूज्य गुरु जी का ही कमाल है कि आज लाखों डेरा सच्चा सौदा सेवादार अपने शरीर को दान कर दधीचि बनने का प्रण ले चुके हैं। 

दधीचियों की इस श्रृंखला में अपना नाम शामिल करवाया है टिब्बी ब्लॉक के गांव 2 केएसपी के सेवादार पृथ्वी पाल इन्सां और धर्मपाल इन्सां के पिता जगराम इन्सां पुत्र गिरधारी ने। जगराम इन्सां अपनी सांसारिक यात्रा पूर्ण कर शुक्रवार शाम को मालिक के चरणों में सचखंड जा विराजे।परिजनों ने अंतिम इच्छा अनुसार की देहदान

उनकी अंतिम इच्छा व अपने पूज्य गुरु जी के दिखाए मार्ग का अनुसरण करते हुए परिवारवालों ने शनिवार को सचखंडवासी जगराम इन्सां की पावन देह मेडिकल खोजों के लिए हमदर्द इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च, नई दिल्ली को दान कर एक अनोखी मिसाल कायम की। उनको अंतिम विदाई देने के लिए ब्लॉक जिम्मेवारों के अलावा शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेल्फेयर कमेटी के सेवादार, रिश्तेदार, परिजन, साध-संगत व परिचित गांव 2 केएसपी स्थित आवास पर एकत्रित हुए तथा विनती का भजन बोलकर विदा किया।

इससे पूर्व पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा पर बेटियों को मिले अधिकार के तहत बेटी केसर इन्सां, पुत्रवधू कृष्णा और शारदा व पोती चंचल, सनीसा, मनीषा, संगीता ने सचखंडवासी जगराम इन्सां की अर्थी को कंधा देकर अपने कर्तव्य का निर्वहन किया। इस मौके पर मौजूद टिब्बी क्षेत्र से आए लोगों ने कहा कि शरीर दान मुहिम वाक्य में काबिले तारीफ है। क्योंकि एक डॉक्टर बनने के लिए मेडिकल रिसर्च के लिए बॉडी का होना बहुत जरूरी है। डेरा सच्चा सौदा सेवादारों का ऐसी घड़ी में शरीरदान करना दूसरों के लिए भी मिसाल पैदा कर रहा है। 
फूलों से सजी एंबुलेंस में विदा हुई सचखंडवासी की पार्थिव देह
फूलों से सजी एंबुलेंस में सचखंडवासी जगराम इन्सां के पार्थिव शरीर को रखकर अंतिम यात्रा निकाली गई जो उनके निवास से मुख्य सड़क तक सम्पन्न हुई। इसमें बड़ी संख्या में अलग-अलग गांवों से साध-संगत मौजूद रही। हर किसी के मुख पर मानवता के सच्चे प्रहरी का नाम था और 'जगराम इन्सां अमर रहे.. अमर रहे..' के नारे गूंज रहे थे। हर किसी का हाथ अपने आप सलामी के लिए उठ रहा था। सचखंडवासी जगराम इन्सां की देहदान के मौके पर ब्लॉक प्रेमी सेवक जसवीर इन्सां, सच्चे नम्र सेवादार हरीसिंह इन्सां व मेजर सिंह इन्सां के अलावा रमेश कुमार इन्सां, गुमानाराम इन्सां, राकेश, रमेश भूनन, रामादिता मान, मनजीत सिंह, जगदेव सिंह, बलकार सिंह, गुरजंट सिंह, मंदर सिंह, ज्ञान सिंह, जगजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में साध-संगत व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। 

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