डेरा सच्चा सौदा की ‘अमर सेवा मुहिम‘ के तहत शरीरदानी व नेत्रदानी बने राजेंद्र कक्कड़ इन्सां
नेत्रदान से दो अंधेरी जिंदगियों को मिलेगी रोशनी, अंतिम विदाई में उमड़ी साध-संगत
Body Donation: सरसा, (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। 90 साल की जिंदगी पूरी कर दुनिया से विदा हुए सरसा ब्लॉक के जोन नंबर-1 निवासी (कीर्तिनगर) राजेंद्र कक्कड़ इन्सां जाते-जाते भी मानवता के काम आए। उनके निधन के बाद परिजनों ने डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए अमर सेवा मुहिम के तहत उनकी पार्थिव देह मेडिकल शोध के लिए दान कर दी। वहीं नेत्रदान भी किए गए जो दो अंधेरी जिंदगियों को रोशनी देंगे। उनकी पार्थिव देह उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित इंटीग्रल इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च, इंटीग्रल यूनिवर्सिटी को भेजी गई, जबकि आंखें शाह सतनाम जी स्पेशलिटी हॉस्पिटल स्थित पूज्य माता करतार कौर जी इंटरनेशनल आई बैंक को सौंपी गईं।
अरदास के बाद निकली अंतिम विदाई यात्रा
देहदान से पहले कीर्तिनगर की गली नंबर-1 स्थित आवास पर अरदास की गई। इसके बाद फूलों से सजी एंबुलेंस में राजेंद्र कक्कड़ इन्सां की पार्थिव देह रखी गई। साध-संगत और परिजनों ने जब तक सूरज चांद रहेगा, शरीरदानी राजेंद्र कक्कड़ इन्सां तेरा नाम रहेगा और शरीरदानी राजेंद्र कक्कड़ इन्सां अमर रहे के नारों के साथ उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उनके आवास से शाह सतनाम जी मार्ग स्थित गोलछा पैलेस तक अंतिम विदाई यात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में साध-संगत, शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादार, रिश्तेदार और परिचित शामिल हुए। रास्ते में लोगों ने पुष्प वर्षा कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। गोलछा पैलेस से धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा का इलाही नारा लगाते हुए नम आंखों से उनकी पार्थिव देह मेडिकल संस्थान के लिए रवाना की गई।
अर्थी को कंधा देकर बेटा-बेटी एक समान का दिया संदेश
राजेंद्र कक्कड़ इन्सां की अंतिम विदाई में बेटा-बेटी एक समान मुहिम की झलक भी देखने को मिली। परिवार की महिलाओं और पुरुषों ने मिलकर अर्थी को कंधा दिया। पुत्रवधू वीना कक्कड़ इन्सां, किरण बाला, सुनीता रानी, पौत्रवधू पूनम, शीनू, पौत्री क्यूटी सहित परिवार की अन्य महिलाओं ने भी अंतिम विदाई में सहभागिता निभाई। सचखंडवासी के बेटे प्रवीण कक्कड़ इन्सां, अनिल इन्सां, नरेश इन्सां, पौत्र विनीत इन्सां, अमित इन्सां, लविश इन्सां, कशिश इन्सां, साहिल इन्सां, पौत्री-दामाद अवि समेत अन्य परिजनों ने भी उन्हें अंतिम विदाई दी।
देहदान समाज के लिए प्रेरणा
सरसा ब्लॉक प्रेमी सेवक कस्तूर सोनी इन्सां ने बताया कि राजेंद्र कक्कड़ इन्सां का परिवार लंबे समय से डेरा सच्चा सौदा से जुड़ा हुआ है। परिवार ने उनकी इच्छा और पूज्य गुरु जी की पावन शिक्षाओं को ध्यान में रखते हुए मरणोपरांत देहदान और नेत्रदान का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि यह कदम समाज में मानवता, परोपकार और सेवा की भावना को मजबूत करने वाला है। राजेंद्र कक्कड़ इन्सां ने पूजनीय बेपरवाह साईं शाह मस्ताना जी महाराज से गुरुमंत्र की अनमोल दात प्राप्त की थी। अंतिम विदाई के दौरान उनकी धर्मपत्नी बिमला देवी सहित परिवार के सदस्य, साध-संगत और ब्लॉक सरसा की सच्ची प्रेमी समिति के सेवादार मौजूद रहे।