एशियन गेम्स के लिए भारतीय महिला हॉकी टीम जापान रवाना, गोल्ड के साथ ओलंपिक पर नजर
एशियन गेम्स में भारत का बड़ा लक्ष्य, सलीमा टेटे की टीम सीधे ओलंपिक क्वालीफिकेशन पर लगाएगी दांव
Asian Games 2026: बेंगलुरु (सच कहूँ/एजेंसी)। भारतीय महिला हॉकी टीम 2026 एशियन गेम्स में चुनौती पेश करने के लिए जापान के आइची-नागोया रवाना हो गई है। कप्तान सलीमा टेटे और मुख्य कोच शोर्ड मारिन की अगुआई में टीम ने मंगलवार को बेंगलुरु से अपनी यात्रा शुरू की। भारतीय खिलाड़ियों के सामने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने के साथ-साथ लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक में सीधे प्रवेश हासिल करने का बड़ा लक्ष्य है।
एफआईएच के लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक क्वालिफिकेशन नियमों के तहत 2026 एशियन गेम्स की महिला हॉकी स्पर्धा की विजेता टीम को ओलंपिक कोटा मिल सकता है, यदि उसने किसी अन्य माध्यम से पहले ही क्वालीफाई नहीं किया है। ऐसे में भारतीय टीम के लिए जापान में होने वाला टूर्नामेंट बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्य कोच शोर्ड मारिन के कार्यकाल में यह भारतीय महिला टीम का एक अहम अभियान होगा। उन्हें जनवरी 2026 में टीम का आधिकारिक कोच नियुक्त किया गया था।
2026 में शानदार रहा टीम का प्रदर्शन
भारतीय महिला टीम ने इस वर्ष लगातार अच्छे परिणाम हासिल किए हैं। हैदराबाद में आयोजित एफआईएच हॉकी महिला विश्व कप क्वालिफायर में भारत ने रजत पदक अपने नाम किया। सेमीफाइनल में इटली को 1-0 से हराकर टीम ने विश्व कप में अपनी जगह पक्की की। इसके बाद ऑकलैंड में हुए एफआईएच महिला नेशंस कप में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे टूर्नामेंट में एक भी मुकाबला नहीं गंवाया। पूल चरण में टीम ने अमेरिका, जापान और उरुग्वे को हराया। सेमीफाइनल में चिली के खिलाफ 6-0 की बड़ी जीत दर्ज की, जबकि फाइनल में मेजबान न्यूजीलैंड को 2-0 से मात देकर खिताब जीत लिया। नेशंस कप की इस सफलता का एक और फायदा भारत को मिला। टीम को अगले सत्र के एफआईएच महिला प्रो लीग में पदोन्नति हासिल हुई।
विश्व कप में भी बनाया प्रभाव
भारतीय महिला हॉकी टीम ने विश्व कप में भी अपना मजबूत प्रदर्शन जारी रखा। टीम टूर्नामेंट में पांचवें स्थान पर रही, जो 1974 में महिला विश्व कप के शुरू होने के बाद से भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बताया गया है। विश्व कप अभियान में भारत ने चीन, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले ड्रॉ किए। इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका को 6-1 और जर्मनी को 3-1 से हराकर टीम ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।
एशियन गेम्स में भारत को पूल बी में जगह मिली है। इस समूह में मेजबान जापान के अलावा थाईलैंड, सिंगापुर, इंडोनेशिया और उज्बेकिस्तान की टीमें शामिल हैं।
भारतीय टीम 20 सितंबर को उज्बेकिस्तान के खिलाफ अपना अभियान शुरू करेगी। इसके बाद 21 सितंबर को इंडोनेशिया, 23 सितंबर को थाईलैंड, 25 सितंबर को जापान और 27 सितंबर को सिंगापुर से मुकाबला होगा। नॉकआउट चरण 30 सितंबर से शुरू होगा। इसी दिन सेमीफाइनल मुकाबले भी खेले जाएंगे, जबकि स्वर्ण पदक के लिए फाइनल 2 अक्टूबर को होगा।
कप्तान सलीमा टेटे ने एशियन गेम्स के लिए टीम के आत्मविश्वास को मजबूत बताया। उनका कहना है कि नेशंस कप और विश्व कप में हासिल किए गए अच्छे परिणामों से खिलाड़ियों को भरोसा मिला है। अब टीम इसी लय को एशियन गेम्स में आगे बढ़ाते हुए स्वर्ण पदक जीतने और लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने की कोशिश करेगी।
20 सदस्यीय भारतीय टीम
गोलकीपर: सविता, बिचू देवी खारीबम
डिफेंडर: इशिका चौधरी, सुशीला चानू पुखरामबम, लालथंतलुआंगी, ज्योति, शिल्पी डबास
मिडफील्डर: निक्की प्रधान, साक्षी राणा, सुनीता टोप्पो, सलीमा टेटे (कप्तान), नेहा, दीपिका सोरेंग
फॉरवर्ड: लालरेमसियामी, रुतुजा दादासो पिसल, नवनीत कौर, दीपिका, इशिका, बलजीत कौर, ब्यूटी डुंगडुंग