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Himachal News: हिमाचल में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई, तीन साल में 8.79 करोड़ रुपये जुर्माना वसूला
नदी-नालों से खनन पर सरकार की नजर
शिमला (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में अवैध खनन और खनिज सामग्री के नियमों के विरुद्ध परिवहन को लेकर सरकार की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है। विधानसभा में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में 1 अगस्त 2026 तक कुल 13,082 मामले दर्ज किए गए हैं। इन मामलों में से 10,152 प्रकरणों में आरोपियों से 8 करोड़ 79 लाख 25 हजार 770 रुपये का जुर्माना वसूला जा चुका है। वहीं, 2,930 मामलों में निर्धारित नियमों के तहत कार्रवाई अभी जारी है। Himachal News
यह आंकड़ा शाहपुर से कांग्रेस विधायक केवल सिंह पठानिया द्वारा विधानसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में सामने आया। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने सरकार की ओर से लिखित उत्तर में अवैध खनन से जुड़े मामलों और राजस्व का विवरण सदन में रखा। विधानसभा में दिए गए जवाब में प्रदेश के नदी-नालों में स्वीकृत खनन गतिविधियों से मिलने वाली आय की जानकारी भी दी गई।
सरकार के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में विभिन्न नदी-नालों के लिए 305 खनन पट्टे जारी किए गए हैं। इन पट्टों से 1 अगस्त 2026 तक सरकार को 302 करोड़ 88 लाख 63 हजार 938 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। इससे स्पष्ट है कि वैध खनन गतिविधियां सरकार के लिए राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्रोत हैं, जबकि अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई जारी है। Himachal News
कानून के तहत नियंत्रित होती हैं खनन गतिविधियां
उद्योग मंत्री के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में खनन क्षेत्र को खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 के प्रावधानों के तहत नियंत्रित किया जाता है। केंद्र के कानून से प्राप्त अधिकारों के आधार पर प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश गौण खनिज (रियायत) और अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण की रोकथाम नियम, 2015 लागू किए हैं। इन्हीं प्रावधानों के माध्यम से खनन कार्यों की निगरानी की जाती है। साथ ही बिना अनुमति खनन करने, खनिजों का अवैध परिवहन करने अथवा उनका गैरकानूनी भंडारण करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। Himachal News