Haryana Railway News: रक्षाबंधन पर आई खुशखबरी, यमुनानगर, करनाल नई रेलवे लाइन पर आया बड़ा अपडेट
Haryana Railway News: हरियाणा को मिलेंगी दो नई रेल लाइनें, करनाल-यमुनानगर और जींद-हांसी रेल परियोजनाओं का डीपीआर तैयार
Haryana Railway News: खिजराबाद, राजेन्द्र कुमार। हरियाणा में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल हुई है। प्रदेश में करनाल-यमुनानगर और जींद-हांसी के बीच दो नई रेल लाइनों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। हरियाणा रेल अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (HRIDC) ने दोनों परियोजनाओं का विस्तृत सर्वेक्षण और डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली है।
रेल मंत्रालय और हरियाणा सरकार के संयुक्त उपक्रम HRIDC की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट को राज्य सरकार की मंजूरी के बाद रेल मंत्रालय को सौंप दिया गया है। इन दोनों रेल परियोजनाओं के पूरा होने से संबंधित क्षेत्रों में रेल संपर्क बेहतर होगा और लंबे समय से चली आ रही लोगों की मांग भी पूरी होने की उम्मीद है।
61 किलोमीटर लंबी होगी करनाल-यमुनानगर रेल लाइन | Haryana Railway News
प्रस्तावित करनाल-यमुनानगर नई रेल लाइन करीब 61 किलोमीटर लंबी होगी। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1,173 करोड़ रुपये बताई गई है। नई रेल लाइन दिल्ली-अंबाला रेलवे लाइन पर स्थित मौजूदा भैनी-खुर्द स्टेशन को अंबाला-सहारनपुर रेलवे लाइन के जगाधरी वर्कशॉप स्टेशन से जोड़ेगी। इस रेल लाइन के निर्माण से रास्ते में आने वाले कई क्षेत्रों को नई रेल सुविधा का लाभ मिलेगा। परियोजना के तहत पांच नए रेलवे स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है।
इनमें शामिल हैं:
- राम्भा
- इंद्री
- लाडवा
- रादौर
- दमला
नई रेल लाइन बनने के बाद इन क्षेत्रों के लोगों को आवागमन के लिए बेहतर और सुविधाजनक रेल संपर्क मिल सकेगा।
जींद-हांसी रेल लाइन भी होगी तैयार
दूसरी महत्वपूर्ण परियोजना जींद-हांसी नई रेल लाइन की है। यह रेल लाइन करीब 50 किलोमीटर लंबी होगी। परियोजना की अनुमानित लागत करीब 923 करोड़ रुपये रखी गई है।
इस रेल लाइन के निर्माण से जींद और हांसी के बीच रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इससे यात्रियों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में व्यापार और परिवहन को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार और रेल मंत्रालय मिलकर उठाएंगे खर्च
दोनों रेल परियोजनाओं की लागत हरियाणा सरकार और रेल मंत्रालय द्वारा वहन की जाएगी। डीपीआर तैयार होने और राज्य सरकार की मंजूरी के बाद इसे रेल मंत्रालय को भेज दिया गया है। अब परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया रेल मंत्रालय के स्तर पर होगी।
लंबे समय से थी रेल लाइन की मांग
करनाल-यमुनानगर और जींद-हांसी के बीच नई रेल कनेक्टिविटी की मांग लंबे समय से उठती रही है। इन परियोजनाओं के धरातल पर आने से संबंधित क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
नई रेल लाइनों से यात्रियों के लिए आवागमन के विकल्प बढ़ेंगे। साथ ही औद्योगिक गतिविधियों, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की संभावना है।
हरियाणा में रेल नेटवर्क के विस्तार की ये दोनों परियोजनाएं प्रदेश के परिवहन ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं। अब डीपीआर रेल मंत्रालय को सौंपे जाने के बाद परियोजनाओं के अगले चरण पर नजर रहेगी।