धरने के बाद शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, शिक्षक को रोड़ी स्कूल वापस भेजने के आदेश
200 बच्चों की पढ़ाई के लिए 7 पद स्वीकृत, 5 शिक्षक ही कार्यरत, अस्थायी नियुक्ति रद्द होने पर धरना समाप्त
ओढ़ां (सच कहूँ/राजू)। गांव रोड़ी के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की कमी को लेकर नौजवान भारत सभा के नेतृत्व में चल रहे धरने के बाद शिक्षा विभाग ने संबंधित शिक्षक को वापस स्कूल भेजने के आदेश जारी कर दिए। विभाग ने दूसरे गांव में अस्थायी रूप से नियुक्त किए गए शिक्षक की नियुक्ति रद्द कर उसे रोड़ी स्कूल में वापस भेजने का निर्णय लिया है। Sirsa News
जानकारी के अनुसार रोड़ी के सरकारी प्राथमिक विद्यालय में करीब 200 बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल में शिक्षकों के 7 पद स्वीकृत हैं, लेकिन लंबे समय से 5 शिक्षक ही सेवाएं दे रहे थे। इनमें से एक शिक्षक की बीएलओ ड्यूटी लगी होने के कारण वह करीब दो महीने से स्कूल में नहीं आ रहे थे।
इसी बीच एक अन्य शिक्षक को ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने अस्थायी तौर पर पास के गांव के स्कूल में भेज दिया। शिक्षक को दूसरे स्कूल में भेजे जाने पर स्कूल प्रबंधन समिति ने प्रस्ताव पारित किया था। ग्राम पंचायत की ओर से भी शिक्षक को वापस रोड़ी स्कूल में भेजने का अनुरोध किया गया था। मामले की जानकारी मिलने पर नौजवान भारत सभा के पदाधिकारियों ने अभिभावकों को साथ लेकर विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षक को वापस बुलाने की मांग की। Sirsa News
गेट पर ताला लगाने की चेतावनी के बाद बनी बात
सभा पदाधिकारियों के अनुसार अधिकारियों ने धरना समाप्त करवाने के लिए आश्वासन दिया, लेकिन प्रदर्शनकारी मांग पूरी होने तक धरना जारी रखने पर अड़े रहे। बाद में स्कूल गेट पर ताला लगाने की चेतावनी दी गई। इसके बाद शिक्षा विभाग ने संबंधित शिक्षक की अस्थायी नियुक्ति के आदेश रद्द कर उसे रोड़ी स्कूल वापस भेजने के आदेश जारी किए। सभा नेताओं ने कहा कि यह जनता की एकजुटता और संघर्ष की जीत है। उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर संघर्ष करने का आह्वान किया। Sirsa News