शिक्षक नरेश कुमार ग्रोवर को राज्यपाल करेंगे सम्मानित, मिलेगा 34 साल की तपस्या का सम्मान

राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के जरिए पांच बार विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया

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सरसा, (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। शिक्षा के क्षेत्र में 34 वर्षों तक समर्पित भाव से सेवाएं देने वाले नरेश कुमार ग्रोवर को हरियाणा सरकार के राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चुना गया है। शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर को आयोजित राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में महामहिम राज्यपाल उन्हें सम्मानित करेंगे। शिक्षा के साथ सामाजिक सेवा, नवाचार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के क्षेत्र में उनके योगदान को इस सम्मान के लिए प्रमुख आधार माना गया है। Sirsa News

ग्रोवर ने अपने 34 वर्ष के शिक्षण जीवन में करीब 12 वर्ष निजी और 22 वर्ष राजकीय विद्यालयों में सेवाएं दी हैं। उन्होंने सरसा के न्यू सतलुज स्कूल, अनुपम स्कूल, आरएसडी स्कूल और डीएवी पब्लिक स्कूल में अध्यापन किया। इसके बाद उनकी राजकीय सेवा की शुरूआत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नागोकी से हुई। उन्होंने राजकीय उच्च विद्यालय सिकंदरपुर और शेखूपुरिया में भी सेवाएं दीं। वर्तमान में वे राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बप्प में कार्यरत हैं।

राज्य पुरस्कार के लिए चयन की घोषणा के बाद जिला शिक्षा अधिकारी सुभाष कुमार फुटेला, समग्र शिक्षा अभियान के जिला परियोजना समन्वयक कृष्ण कुमार वर्मा, जिला विज्ञान विशेषज्ञ डा. मुकेश कुमार, नोडल अधिकारी अमित मनहर ने ग्रोवर को बधाई देते हुए उनके शिक्षा, सामाजिक सेवा और नवाचार से जुड़े प्रयासों की सराहना की। विद्यालय की प्राचार्या और स्टाफ ने भी इसे उनके 34 वर्षों के परिश्रम और समर्पण का सम्मान बताया। 5 सितंबर को राज्यपाल के हाथों मिलने वाला यह सम्मान उनके परिवार, विद्यालय और सरसा जिले के लिए गौरव का अवसर होगा। नरेश कुमार ग्रोवर ने शिक्षण को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखा। Sirsa News

37 बार रक्तदान, सामाजिक अभियानों में सक्रिय भागीदारी

शिक्षण के साथ सामाजिक सरोकारों में भी ग्रोवर की सक्रिय भूमिका रही है। स्काउटिंग, एनएसएस, पल्स पोलियो अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, जनगणना, चुनावी गतिविधियों और विभिन्न जागरूकता अभियानों में उन्होंने जिम्मेदारी निभाई। सामाजिक मुद्दों पर लोगों को जागरूक करने के लिए रैलियों और अभियानों में भी भाग लिया। मानव सेवा के क्षेत्र में वे 37 बार रक्तदान कर चुके हैं। विद्यालय में उनकी समयबद्धता, अनुशासन, ईमानदारी और जिम्मेदारियों के प्रति समर्पण को सहकर्मी भी उनकी प्रमुख विशेषताओं में गिनाते हैं। विद्यालय परिवार के अनुसार वे नियमित रूप से समय से पहले विद्यालय पहुंचकर अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहे हैं। Sirsa News

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