Nepal Flood: नेपाल में बाढ़ का कहर: मौत का आंकड़ा 389 पहुंचा, 466 लोगों को बचाया गया

जलप्रलय से नेपाल-चीन सीमा पर मची तबाही, हजारों लोग प्रभावित और सैकड़ों लापता

Published On

Nepal Flood:काठमांडू, (एजेंसी)। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने, भूस्खलन और उसके बाद आई विनाशकारी अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। नेपाल पुलिस के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन की इस त्रासदी में अब तक 389 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 466 घायलों को बचाया गया है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।

बुधवार को नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी के क्षेत्र में अचानक पानी, बर्फ, चट्टानों और मलबे का तेज बहाव शुरू हुआ। कुछ ही समय में बाढ़ का पानी और मलबा कई बस्तियों में घुस गया। इस दौरान मकान, वाहन, सड़कें और पुल बह गए। बाढ़ का असर नदी के साथ नीचे की ओर कई जिलों तक पहुंचा, जिससे बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ।

आठ जिलों में मिले 389 शव | Nepal Flood

नेपाल पुलिस के मुताबिक, अब तक आठ जिलों से 389 शव बरामद किए गए हैं। इनमें चितवन में सबसे ज्यादा 137 मौतें दर्ज हुई हैं। इसके अलावा पूर्वी नवलपरासी में 87, धादिंग में 33, गोरखा में 32, नुवाकोट और तनहूं में 28-28, पश्चिमी नवलपरासी में 27 और रसुवा में 17 शव बरामद किए गए हैं।

आपदा के बाद बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को राहत और बचाव कार्य में लगाया गया है। नेपाल सेना, नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के जवान प्रभावित इलाकों में अभियान चला रहे हैं। दुर्गम और सड़क संपर्क से कटे क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टरों की भी मदद ली जा रही है।

सड़कें और पुल बहने से बढ़ी मुश्किल

बाढ़ की तेज धारा अपने साथ भारी मात्रा में मलबा लेकर आई, जिससे कई सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ इलाकों में संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। इसके चलते बचाव दलों को प्रभावित लोगों तक पहुंचने और नुकसान का सही आकलन करने में मुश्किल हो रही है। कई परिवार अब भी अपने लापता परिजनों की तलाश कर रहे हैं।

ग्लेशियर टूटने से शुरू हुई तबाही

प्रारंभिक जांच में इस आपदा के पीछे हिमालयी क्षेत्र में ग्लेशियर और चट्टानों के बड़े हिस्से के टूटने की बात सामने आई है। इसके बाद बर्फ, पत्थरों और मलबे का विशाल प्रवाह नदी घाटी की ओर बढ़ा और अचानक बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह की घटनाएं ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में बेहद खतरनाक साबित हो सकती हैं।

फिर बाढ़ का खतरा, अधिकारियों ने किया अलर्ट

आपदा के बाद खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। भारी बर्फ और चट्टानों के मलबे से नदी के ऊपरी हिस्से में एक प्राकृतिक अवरोध और झील जैसी स्थिति बनने की खबर है। यदि यह अवरोध टूटता है तो नीचे की ओर दोबारा अचानक बाढ़ आ सकती है। अधिकारियों ने नदी के आसपास के इलाकों में लोगों और राहत दलों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

नेपाल में जारी इस प्राकृतिक आपदा ने देश के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। राहत और बचाव दल लगातार प्रभावित इलाकों में पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, कई स्थानों पर बुनियादी ढांचे के तबाह होने के कारण अभियान बेहद कठिन परिस्थितियों में चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे बचाव दल दुर्गम इलाकों तक पहुंचेंगे, जनहानि और नुकसान का आंकड़ा और स्पष्ट हो सकेगा।

About The Author

Related Posts