रक्षाबंधन पर डेरा श्रद्धालु मनु इन्सां ने पेश की ईमानदारी की अनूठी मिसाल, सोनू जैन को लौटाया 10,260 रुपए से भरा पर्स

*रक्षाबंधन पर डेरा श्रद्धालु मनु इन्सां ने पेश की ईमानदारी की अनूठी मिसाल, सोनू जैन को लौटाया 10,260 रुपए से भरा पर्स* 

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टोहाना ( सच कहूं)।  पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणाओं पर चलते हुए डेरा सच्चा सौदा के सेवादार लगातार मानवता भलाई के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। इसी कड़ी में टोहाना की एक महिला श्रद्धालु मनु इन्सां और उनके बेटे रिशु ने रक्षाबंधन के पावन पर्व पर ईमानदारी की एक ऐसी अनूठी मिसाल कायम की, जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है। उन्होंने एक राहगीर महिला का गुम हुआ नकदी से भरा पर्स ढूंढकर पूरी ईमानदारी के साथ उसकी असली मालकिन को सौंप दिया। 

ऑनलाइन गुरुकुल सत्संग सुनकर लौट रही थीं घर

जानकारी के अनुसार, टोहाना निवासी मनु इन्सां ऑनलाइन गुरुकुल के माध्यम से पूज्य गुरु जी के पावन अनमोल वचन (सत्संग) श्रवण करने के बाद अपने घर वापस लौट रही थीं। इसी दौरान रास्ते में उन्हें एक लावारिस पर्स पड़ा हुआ मिला। मनु इन्सां और उनके बेटे रिशु ने उस पर्स को उठा लिया। जब उन्होंने उस पर्स को खोल कर देखा तो उसमें भारी मात्रा में नकदी मिली। 

कुछ पता न चलने पर सेवादार को सौंपा, पर मन में रही बेचैनी

डेरा सच्चा सौदा की शिक्षाओं के अनुरूप पराया धन मिट्टी समान मानते हुए, उन्होंने ईमानदारी दिखाते हुए पर्स के असल मालिक का पता लगाने की कोशिश की। लेकिन जब काफी प्रयास के बाद भी कुछ पता न चला, तो उन्होंने वह पर्स वापस डेरा सच्चा सौदा मानवता भलाई केंद्र के सेवादार रामस्वरूप को सौंप दिया। मनु इन्सां ने सेवादार से कहा कि यदि कोई इस पर्स के बारे में पूछताछ करने आए, तो मुझे तुरंत फोन कर देना। लेकिन पर्स सौंपने के बाद भी मनु इन्सां के मन में बेचैनी बनी रही। उनके मन में विचार आया कि आज रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार है, न जाने किस बहन का यह पर्स हो और वह कितनी परेशान हो रही होगी। 

रास्ते में मायूस मिली पीड़ित महिला, निशानियां मिलाकर लौटाया पर्स

इसी बेचैनी के चलते मनु इन्सां दोबारा पर्स के असली मालिक का पता लगाने के लिए घर से बाहर निकलीं। रास्ते में उन्हें एक महिला बेहद मायूस और परेशान हालत में खड़ी दिखाई दी। मनु इन्सां ने मानवता दिखाते हुए उस महिला के पास जाकर पूछा, "क्या हुआ बहन, इतनी परेशान क्यों हो?" तब उस महिला ने रोते हुए बताया कि उसका पर्स कहीं गुम हो गया है। मनु इन्सां ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए उस महिला से पर्स का रंग, उसमें रखे जरूरी सामान और पैसों के बारे में सभी निशानियां पूछीं। महिला द्वारा बताई गई सभी निशानियां और ₹10,260 की नकदी की बात बिल्कुल सही निकली, जिससे यह साफ हो गया कि वह गुम हुआ पर्स उसी महिला का ही था। महिला प्रभाकर कालोनी टोहाना से सोनू जैन थी। 

सोनू जैन को सौंपा पर्स, मनु इन्सां ने महसूस की आत्मिक खुशी

तसल्ली होने के बाद मनु इन्सां ने नकदी से भरा यह पर्स उसकी असली मालकिन सोनू जैन निवासी प्रभाकर कालोनी को सौंप दिया। रक्षाबंधन के दिन अपनी खून पसीने की कमाई और जरूरी कागजात वापस पाकर सोनू जैन के चेहरे पर बड़ी खुशी लौट आई। उन्होंने मनु इन्सां, उनके बेटे रिशु और पूज्य गुरु जी की पावन शिक्षाओं का सहदिल से आभार व्यक्त किया। वहीं, किसी जरूरतमंद बहन की मदद करके और उसे उसका खोया धन वापस लौटाकर मनु इन्सां ने भी मन में असीम खुशी और सुकून का अनुभव किया। क्षेत्र के लोगों ने भी मनु इन्सां की इस ईमानदारी की जमकर सराहना की है।

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