Punjab Politics News: पंजाब की सियासत में भूचाल! CM ऑफिस तक पहुंची भ्रष्टाचार की जांच की आंच, ED की 200 पन्नों की रिपोर्ट में गंभीर आरोप
Punjab Politics News: पंजाब की सियासत में भूचाल! CM ऑफिस तक पहुंची भ्रष्टाचार की जांच की आंच, ED की 200 पन्नों की रिपोर्ट में गंभीर आरोप
Punjab Politics News: चंडीगढ़ (एजेंसी)। पंजाब की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिल की गई रिपोर्ट में मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यालय से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ईडी ने करीब 200 पन्नों की रिपोर्ट के साथ कई डिजिटल सबूत, व्हाट्सऐप चैट, दस्तावेज और अन्य जानकारियां अदालत के सामने रखी हैं। इस मामले में 3 सितंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है।
CM ऑफिस से कथित भ्रष्टाचार के आरोप| Punjab Politics News
ईडी की रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में कथित तौर पर ट्रांसफर-पोस्टिंग, टेंडर अलॉटमेंट, बिल्डरों को CLU देने, पॉलिसी मामलों में हस्तक्षेप और हथियार लाइसेंस से जुड़े कामों में बिचौलियों के जरिए प्रभाव का इस्तेमाल किया जा रहा था।
रिपोर्ट में मुख्यमंत्री के ओएसडी राजबीर सिंह घुम्मन का भी जिक्र किया गया है। ईडी का दावा है कि जांच के दौरान सामने आए डिजिटल सबूतों से मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े लोगों और कथित बिचौलियों के बीच संपर्क तथा पैसों के लेन-देन की जानकारी मिली।
हालांकि, ये सभी आरोप फिलहाल जांच और अदालत के समक्ष रखी गई ईडी की रिपोर्ट का हिस्सा हैं। इन आरोपों पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष अभी बाकी है।
इन लोगों के नाम रिपोर्ट में शामिल
ईडी ने अपनी रिपोर्ट में नितिन गोहल, जितिन गोहल, राजबीर घुम्मन, बीर दविंदर, रोमी राजा महाजन समेत अन्य लोगों का नाम लिया है।
रिपोर्ट के अनुसार, ईडी ने पंजाब पुलिस को तीन पत्र भेजकर इन लोगों के खिलाफ कथित आपराधिक साजिश, ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए रिश्वत लेने और गोपनीय सरकारी जानकारी लीक करने जैसे आरोपों में FIR दर्ज करने को कहा था। ईडी का आरोप है कि पंजाब पुलिस ने इन पत्रों के बावजूद कार्रवाई नहीं की।
ईडी के मुताबिक, 30 जुलाई से पंजाब पुलिस से गोपनीय FIR दर्ज कर उसकी कॉपी उपलब्ध कराने को कहा जा रहा था। कार्रवाई नहीं होने के बाद मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा।
छापेमारी के दौरान मिला 21 लाख रुपये से भरा बैग
ईडी ने 7 मई से 10 मई 2026 के बीच पंजाब में अजय सहगल, नितिन गोहल, सुरेश कुमार बजाज समेत अन्य लोगों से जुड़े परिसरों पर तलाशी ली थी।
रिपोर्ट के अनुसार, नितिन गोहल के घर की तलाशी के दौरान बालकनी से फेंका गया नोटों से भरा एक बैग बरामद हुआ, जिसमें करीब 21 लाख रुपये थे।
ईडी का कहना है कि नितिन गोहल के मोबाइल फोन से मिली व्हाट्सऐप चैट, दस्तावेज और अन्य डिजिटल सामग्री से कथित तौर पर पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े लोगों के साथ संपर्क की जानकारी सामने आई। जांच एजेंसी ने इन चैट की ट्रांसक्रिप्ट, स्क्रीनशॉट और अन्य जानकारी भी हाईकोर्ट के समक्ष पेश की है।
ट्रांसफर-पोस्टिंग में कथित बिचौलिए की भूमिका
ईडी की रिपोर्ट में सरकारी अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग से जुड़े 21 मामलों का जिक्र किया गया है।
जांच एजेंसी के मुताबिक, नितिन गोहल के डिवाइस से बरामद व्हाट्सऐप चैट, कॉल रिकॉर्ड, दस्तावेज और बातचीत से संकेत मिले कि वह अलग-अलग सरकारी विभागों में ट्रांसफर-पोस्टिंग के मामलों में कथित तौर पर सक्रिय थे।
रिपोर्ट में आरोप है कि गोहल इच्छुक अधिकारियों और राजबीर घुम्मन के बीच बिचौलिए की भूमिका निभाते थे। कथित तौर पर पसंदीदा अधिकारियों की पोस्टिंग से जुड़े ड्राफ्ट ऑर्डर भी पहले से हासिल किए जाते थे।
चैट में प्रस्तावित ट्रांसफर, पसंदीदा पोस्टिंग, अधिकारियों की आवाजाही और विभागीय बदलाव से जुड़ी ऐसी जानकारियों का भी जिक्र है, जो आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक होने से पहले साझा की जा रही थीं।
सरकारी काम के बदले पैसे और दूसरी सुविधाओं का आरोप
ईडी की रिपोर्ट में सरकारी कामकाज से जुड़े 11 कथित पेमेंट और किकबैक मामलों का भी जिक्र किया गया है।
जांच एजेंसी के अनुसार, बरामद डिजिटल सबूतों से कथित तौर पर यह सामने आया कि कुछ लोग पैसे लेने, भुगतान की व्यवस्था करने और वित्तीय लेन-देन में मदद करने के साथ-साथ यात्रा की बुकिंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करा रहे थे।
इन गतिविधियों को ट्रांसफर-पोस्टिंग, जमीन से जुड़े लेन-देन, पॉलिसी मामलों और सरकारी लाभ दिलाने से जोड़कर देखा गया है।
ईडी का दावा है कि पूरी बातचीत से एक ऐसे कथित नेटवर्क के संकेत मिलते हैं, जिसमें सरकारी अधिकारियों तक पहुंच और उनके प्रभाव का इस्तेमाल आर्थिक लाभ हासिल करने के लिए किया जा रहा था।
गोपनीय सरकारी दस्तावेजों तक पहुंच का भी आरोप
रिपोर्ट में लैंड डील, पॉलिसी मैटर और सरकारी गोपनीय जानकारी तक कथित अनधिकृत पहुंच से जुड़े 18 मामलों का उल्लेख किया गया है।
ईडी के मुताबिक, जांच के दौरान नितिन गोहल और उनके सहयोगियों के पास ट्रांसफर प्रस्तावों, पोस्टिंग ऑर्डर, पॉलिसी दस्तावेज, प्रशासनिक मंजूरी और अन्य आंतरिक सरकारी संचार से जुड़ी जानकारी मिली।
एजेंसी का कहना है कि इनमें से कुछ जानकारियां उस समय सार्वजनिक नहीं हुई थीं। इससे सरकारी रिकॉर्ड तक कथित अनधिकृत पहुंच और संवेदनशील सूचनाओं के लीक होने की आशंका जताई गई है।
हथियार लाइसेंस के मामलों में भी कथित दखल
ईडी की रिपोर्ट में हथियार लाइसेंस से जुड़े मामलों का भी उल्लेख है। जांच एजेंसी के अनुसार, लाइसेंस जारी करने, सिफारिश, मंजूरी, नवीनीकरण और अन्य संबंधित कामों को लेकर कई बातचीत और संपर्क सामने आए।
रिपोर्ट में आरोप है कि नितिन गोहल कथित तौर पर सरकारी तंत्र में प्रभाव रखने वाले लोगों के माध्यम से ऐसे मामलों में मदद और समन्वय कर रहे थे।
अब 3 सितंबर की सुनवाई पर नजर
ईडी की इस रिपोर्ट के बाद पंजाब की राजनीति में मामला गर्म हो गया है। सबसे अहम बात यह है कि जांच की आंच मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े लोगों तक पहुंचने के दावे किए गए हैं। अब सभी की नजरें 3 सितंबर को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर हैं। अदालत इस मामले में ईडी की रिपोर्ट, पंजाब पुलिस की भूमिका और लगाए गए आरोपों से जुड़े पहलुओं पर क्या रुख अपनाती है, यह आने वाले समय में महत्वपूर्ण होगा।