कैथल ब्लॉक के दलीप इन्सां मरणोंपरांत देहदान कर हुए अमर
शरीरदानियों की सूची में जुड़ा एक और नाम
कैथल, (सच कहूँ/ कुलदीप नैन)। जीते जी-रक्तदान तो मरणोपरांत नेत्रदान व देहदान कर डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी समाज में मानवता की अनुकरणीय मिसाल पेश कर रहे हैं। ब्लॉक कैथल से देहदानियों की लिस्ट में एक और नाम जुड़ गया है। ब्लॉक कैथल के जोन न. 2, खुराना रोड निवासी प्रेमी दलीप सिंह इन्सां (76 वर्ष) अपनी स्वांसों रुपी पूंजी पूरी कर कुल मालिक के चरणों में जा विराजे है। Kaithal News
इसलिए उनकी अंतिम इच्छा को पूर्ण करते हुए और पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्रेरणा पर चलते हुए परिजनों ने डेरा सच्चा सौदा द्वारा चलाए जा रहे मानवता भलाई के कार्यों में से एक ‘अमर सेवा’ मुहिम (चिकित्सा व शोध कार्यों के लिए मरणोपरांत शरीरदान) के तहत उनका शरीर नोएडा इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, ग्रेटर नोएडा, गौतम बुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश को दान किया गया और उनकी आंखें सेवा संघ कैथल को दान की गई।
सचखंड वासी के पुत्र जितेंद्र इन्सां और तिलक राज ने बताया कि उनके पिता दलीप सिंह इन्सां ने अपने जीते जी मरणोपरांत शरीरदान का फार्म भरा हुआ था। शरीरदानी दलीप सिंह इन्सां ने अपने पूरे परिवार को पूज्य गुरु जी की प्रेरणानुसार इन्सानियत की राह में लगाया व अपने परिवार को मानवता भलाई के हर कार्य में अग्रणी रखा। सचखंड वासी दलीप सिंह इन्सां ने 1978 में पूजनीय परमपिता शाह सतनाम सिंह जी महाराज से नाम की अनमोल दात प्राप्त की और उसके बाद लगातार डेरा सच्चा सौदा में सेवा की। उन्होंने विशेष तौर पर पलम्बर सेवा कार्य में योगदान दिया।
डेरा सच्चा सौदा की मुहिम बेटा बेटी एक समान के तहत बेटी पिंकी, अंजू, नीलम व पुत्रवधू बलवीर कौर ने सचखंडवासी की अर्थी को कंधा दिया। उनकी अंतिम यात्रा के समय ब्लॉक के शरीरदानी के परिवारजनों तथा साध-संगत ने विनती भजन बोलकर व शरीरदानी दलीप सिंह इन्सां अमर रहे, अमर रहे के नारे लगाकर पूरे सम्मान के साथ उनकी पार्थिव देह को एम्बुलेंस में विदा किया। Kaithal News