निजी स्कूल में छात्रों की तबीयत बिगड़ी, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट; 5 बच्चे अस्पताल में भर्ती
पंजाब के पटियाला का मामला, फूड पॉइजनिंग की आशंका; स्वास्थ्य विभाग ने शुरू की जांच
पटियाला (एजेंसी)। पंजाब के पटियाला में एक प्रतिष्ठित स्कूल के कई विद्यार्थियों की अचानक तबीयत खराब होने से स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों में चिंता का माहौल बन गया। शुरुआती तौर पर बच्चों के बीमार पड़ने को फूड पॉइजनिंग की संभावित घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि बीमारी की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी। Patiala School news
पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह के अनुसार, फिलहाल पांच बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इन सभी की स्थिति स्थिर बताई गई है। कुछ अन्य विद्यार्थियों को भी स्वास्थ्य संबंधी हल्की परेशानी हुई, जिन्हें प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। मंत्री ने अधिकारियों को मामले की तत्काल जांच करने और जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
स्कूल से बाहर जाने के दौरान खाना खाने की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, संबंधित बच्चे स्कूल से बाहर गए थे। इस दौरान उनके किसी बाहरी स्थान पर भोजन करने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने अभी किसी विशेष खाद्य पदार्थ या स्थान को बच्चों की तबीयत खराब होने का कारण नहीं माना है।अधिकारियों की टीम मामले से जुड़े सभी संभावित कारणों की पड़ताल कर रही है। Patiala School news
यदि जांच में यह सामने आता है कि बच्चों ने किसी खास स्थान पर भोजन किया था, तो स्वास्थ्य विभाग वहां भी निरीक्षण कर सकता है। इस दौरान भोजन की गुणवत्ता, खाद्य सामग्री के रखरखाव, रसोई की साफ-सफाई, बर्तनों की स्वच्छता और भोजन तैयार करने की प्रक्रिया जैसे पहलुओं की जांच की जाएगी। जरूरत पड़ने पर खाद्य पदार्थों के नमूने भी जांच के लिए लिए जा सकते हैं।
स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक अस्पताल में भर्ती पांचों बच्चों की हालत फिलहाल सामान्य और स्थिर है। उनका उपचार मणिपाल ग्रुप के अस्पताल में किया जा रहा है। दूसरी ओर, सरकारी राजिंदरा अस्पताल में भी बच्चों के उपचार के लिए जरूरी व्यवस्थाएं तैयार रखी गई हैं। अभिभावकों को सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी भी दी गई है। हालांकि, बच्चे का इलाज सरकारी अथवा निजी अस्पताल में कराने का निर्णय उनके माता-पिता ले सकते हैं।
बच्चों की सुरक्षा के लिए स्वच्छता पर जोर
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाले प्रत्येक स्थान पर स्वच्छता के नियमों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। भोजन बनाने और परोसने वाले कर्मचारियों की व्यक्तिगत साफ-सफाई के साथ-साथ रसोई, बर्तनों और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखना जरूरी है।
उन्होंने बच्चों से भी भोजन करने से पहले साबुन से हाथ धोने की आदत अपनाने की अपील की। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही प्रमाणित होती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान बच्चों के स्वास्थ्य और घटना के वास्तविक कारण का पता लगाने पर है। स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बच्चों की तबीयत खराब होने के पीछे भोजन, संक्रमण या कोई अन्य वजह थी। Patiala School news