PM मोदी की आम जनता से अपील, ये काम करने से बचें, देशहित में उठाएं बड़ा कदम

PM मोदी की देशवासियों से अपील- जरूरत न हो तो न करें ये काम, अपनाएं स्वदेशी का मंत्र

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नई दिल्ली: भारत की अर्थव्यवस्था ने मुश्किल वैश्विक परिस्थितियों के बीच तेज रफ्तार बनाए रखी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की 7.8 फीसदी आर्थिक वृद्धि पर देशवासियों को बधाई देते हुए इसे भारत की मजबूत होती अर्थव्यवस्था का संकेत बताया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य पर जोर देते हुए लोगों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और गैर-जरूरी खर्च से बचने की अपील की।

पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया कई तरह की चुनौतियों से गुजर रही है। कई हिस्सों में युद्ध की स्थिति बनी हुई है, जिसका असर वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़ा है। कोरोना महामारी के बाद भी दुनिया पूरी तरह स्थिर नहीं हो पाई है। इन चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है।

'लोकल फॉर वोकल' को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए देशवासियों की भागीदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों से 'लोकल फॉर वोकल' के मंत्र को अपनाने और देश में बने उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील की।

उन्होंने कहा कि हमें मेड इन इंडिया के मंत्र को सिर्फ नारे तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसे अपने जीवन में उतारना चाहिए। जब भी किसी वस्तु की जरूरत हो, तो संभव हो तो भारत में बने उत्पाद को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इससे देश के छोटे कारोबारियों, कारीगरों, निर्माताओं और स्थानीय उद्योगों को मजबूती मिलेगी।

पीएम मोदी बोले- जरूरत न हो तो सोना न खरीदें

प्रधानमंत्री ने गैर-जरूरी खर्च को लेकर भी लोगों को महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत नहीं है तो सोना खरीदने से भी बचना चाहिए। उनका जोर इस बात पर था कि देशवासियों का पैसा ऐसी चीजों पर खर्च हो, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था और देश के कारोबार को मजबूती मिले।

पीएम मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए देश के हर नागरिक को अपनी खरीदारी और खर्च से जुड़े फैसलों में देशहित को ध्यान में रखना होगा।

विदेश में शादी नहीं, 'वेडिंग इन इंडिया' पर जोर

प्रधानमंत्री ने विदेश यात्रा और विदेशों में होने वाली शादियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अगर किसी यात्रा का उद्देश्य सिर्फ घूमना-फिरना है और वह जरूरी नहीं है, तो ऐसी यात्राओं से बचा जा सकता है। इसी तरह विदेशों में शादी करने के बजाय भारत में ही शादी समारोह आयोजित करने को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

भारत में बड़े शादी समारोह होने से होटल, पर्यटन, कैटरिंग, कपड़ा, आभूषण, परिवहन और दूसरे कई क्षेत्रों को फायदा पहुंच सकता है। इससे स्थानीय कारोबार बढ़ने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। यही वजह है कि प्रधानमंत्री देश में ही खर्च करने और घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाली आदतों को बढ़ावा देने पर जोर दे रहे हैं।

वैश्विक संकट के बीच भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई ताकत

पीएम मोदी ने कहा कि मौजूदा समय में वैश्विक स्तर पर परिस्थितियां आसान नहीं हैं। युद्ध, सप्लाई चेन में व्यवधान और महामारी के बाद की आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत आगे बढ़ रहा है।

7.8 फीसदी की आर्थिक वृद्धि को उन्होंने देश की क्षमता और सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को विकास की इस रफ्तार को आगे भी बनाए रखना होगा और इसके लिए सरकार के साथ-साथ देश के प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है।

2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य

प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को सामने रखा। उन्होंने कहा कि आज देश जो मेहनत कर रहा है, उसका लाभ आने वाली पीढ़ियों को मिलेगा।

उन्होंने देशवासियों से विकास की रफ्तार को बनाए रखने के लिए पूरी मेहनत और ईमानदारी से योगदान देने की अपील की। प्रधानमंत्री के मुताबिक सरकार की नीतियां सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं और देश की 140 करोड़ आबादी की सामूहिक शक्ति भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकती है।

उपलब्धि का जश्न भी, नए संकल्प भी

प्रधानमंत्री ने देश की आर्थिक उपलब्धि पर खुशी जताने के साथ ही लोगों से नए संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल संकल्प लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करना भी जरूरी है।

उनका संदेश साफ है कि अगर भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाना है, तो सरकार की नीतियों के साथ देशवासियों की खरीदारी, खर्च और जीवनशैली से जुड़े छोटे-छोटे फैसले भी बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। 'लोकल फॉर वोकल', 'मेड इन इंडिया' और 'वेडिंग इन इंडिया' जैसे प्रयास देश की घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में अहम साबित हो सकते हैं।

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