Sanskrit Festival: दो दिवसीय संस्कृत महोत्सव में विद्यार्थियों ने लिया प्रतियोगिताओं में हिस्सा

गौहाटी विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग में संस्कृत भाषा और भारतीय ज्ञान परंपरा को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य

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गुवाहाटी (हि.स.)। गौहाटी विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग में संस्कृत भाषा और भारतीय ज्ञान परंपरा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दो दिवसीय संस्कृत दिवस महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन आचार्य उमाकांत देव शर्मा फाउंडेशन तथा बीएपीएस स्वामीनारायण रिसर्च इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली के संयुक्त सहयोग से हुआ। Sanskrit Festival

महोत्सव की शुरुआत संस्कृत विभाग के विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना और स्वागत गीत की प्रस्तुति से हुई। कार्यक्रम का संचालन विभाग की शोधार्थी हियाश्री राय ने किया। संस्कृत विभागाध्यक्ष प्रो. कामेश्वर शुक्ला ने अपने स्वागत संबोधन में श्रावणी पूर्णिमा से जुड़े विश्व संस्कृत दिवस और संस्कृत सप्ताह की परंपरा पर जानकारी दी। उन्होंने संस्कृत भाषा के ऐतिहासिक महत्व तथा भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा में इसके योगदान को रेखांकित किया।

विद्यार्थियों ने प्रतियोगिताओं में लिया हिस्सा

दो दिवसीय आयोजन के दौरान राज्यस्तरीय संस्कृत श्लोकवृत्ति और संस्कृत भाषण प्रतियोगिता कराई गई। प्रतियोगिताओं में हाई स्कूल और उच्चतर माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों के साथ कॉलेज, विश्वविद्यालय तथा शोध स्तर के प्रतिभागियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इसके अलावा विजेताओं को पारंपरिक उत्तरीय और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। Sanskrit Festival

साहित्य और वैष्णव परंपरा से जुड़े व्यक्तित्व सम्मानित

समारोह में आचार्य उमाकांत देव शर्मा फाउंडेशन, गुवाहाटी की ओर से साहित्य और सांस्कृतिक क्षेत्र में योगदान के लिए विशेष सम्मान भी प्रदान किए गए। अखिल भारतीय साहित्य परिषद की अध्यक्ष मृणालिनी देवी को ‘वाणी विभूति’ सम्मान से नवाजा गया। वहीं बरपेटा सत्र के बूढ़ा सत्राधिकारी डॉ. बाबुल चंद्र दास को ‘वैष्णव वैभव’ सम्मान प्रदान किया गया।

कार्यक्रम को डॉ. बाबुल चंद्र दास, मृणालिनी देवी, असम विधानसभा के सचिव राजीव भट्टाचार्य और आचार्य उमाकांत देव शर्मा फाउंडेशन के सचिव ज्योतिर्मय शर्मा ने संबोधित किया। वक्ताओं ने संस्कृत भाषा के संरक्षण, अध्ययन और नई पीढ़ी तक इसके विस्तार की आवश्यकता पर विचार रखे। समारोह के अंत में गौहाटी विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के प्रोफेसर डॉ. जगदीश शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। आयोजन के दौरान विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों और साहित्य-संस्कृति से जुड़े लोगों की सक्रिय भागीदारी रही। Sanskrit Festival

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