Uttarakhand News: 'सशक्त बहना योजना' को लेकर सीएम धामी ने दिए 50 रोपवे परियोजनाओं को गति देने के निर्देश

महिलाओं को रोजगार के अवसर मिले

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Sashakt Bahana Utsav: देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में ‘मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना’ के तहत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा लगाए गए स्टॉलों का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर महिला समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पादों की जानकारी ली और उनके प्रयासों की सराहना की। Uttarakhand News

मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार की गई राखियां भी खरीदीं। इस दौरान कई महिलाओं ने मुख्यमंत्री को भाई मानकर राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने सभी महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

महिला उद्यमिता को मिल रहा मंच

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ‘सशक्त बहना उत्सव योजना’ का उद्देश्य महिलाओं को उनके उत्पादों के लिए बाजार और बेहतर मंच उपलब्ध कराना है। इससे स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। Uttarakhand News

उन्होंने कहा कि महिला समूहों द्वारा तैयार किए जाने वाले उत्पादों में मिलेट्स, सिलाई-बुनाई की वस्तुएं, ऊनी उत्पाद, प्रसाद, लड्डू, खाद्य सामग्री, जैम, अचार और मिलेट आधारित बेकरी उत्पाद शामिल हैं। रक्षाबंधन को देखते हुए समूहों ने आकर्षक राखियां और त्योहार से जुड़ी अन्य वस्तुएं भी तैयार की हैं। सीएम ने कहा कि इन उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और उनकी बिक्री बढ़ाने के लिए साझा मंच तैयार करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने महिलाओं के उत्पादों की गुणवत्ता की भी प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में रेल, सड़क और रोपवे कनेक्टिविटी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। सड़क क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जिनमें दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा और चारधाम ऑल-वेदर रोड जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों के बीच आवागमन को और सुगम बनाना है।

50 रोपवे परियोजनाओं को लेकर बड़ा निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पर्वतमाला परियोजना के तहत प्रस्तावित 50 रोपवे परियोजनाओं से जुड़ी लंबित प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सैद्धांतिक मंजूरी प्राप्त परियोजनाओं में हो रही देरी के कारणों की समीक्षा करने और आवश्यकतानुसार नई समयसीमा निर्धारित करने को कहा। Uttarakhand News

इनमें सोनप्रयाग-केदारनाथ, टनकपुर-पूर्णागिरि, काठगोदाम-नैनीताल, गोविंदघाट-हेमकुंड साहिब, कनकचौरी-कार्तिक स्वामी, देहरादून-मसूरी और जानकीचट्टी जैसी प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं। सरकार ने प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं में पार्किंग व्यवस्था को भी समेकित योजना का हिस्सा बनाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजनाओं के विकास में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए लाइसेंस और अनुमोदन की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाना चाहिए।

इसके साथ ही पीपीपी मॉडल के जरिए अधिक से अधिक रोपवे परियोजनाओं को जल्द धरातल पर उतारने के लिए निवेशकों के साथ प्रभावी समन्वय और ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। हरिद्वार-ऋषिकेश क्षेत्र की प्रस्तावित रोपवे परियोजनाओं और उत्तराखंड रोपवे डेवलपमेंट लिमिटेड की मौजूदा तथा आगामी योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। Uttarakhand News

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