Tarun Tejpal Case: पूर्व पत्रकार तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से झटका, सरेंडर के आदेश
अपने पूर्व सहयोगी के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी
नई दिल्ली (हि.स.)। अपने पूर्व सहयोगी के साथ दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराए गए तहलका के पूर्व पत्रकार तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। न्यायमूर्ति आलोक अराधे की अध्यक्षता वाली पीठ ने तेजपाल को दो सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को निर्धारित की गई है।
तेजपाल ने उच्च न्यायालय से मिली 10 वर्ष की सजा को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सुनवाई के दौरान गोवा सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि दोषी ठहराए जाने के बाद तेजपाल को अपनी अपील पर सुनवाई से पहले सरेंडर कर देना चाहिए था।
गोवा सरकार ने बढ़ी सजा की मांग की
इस मामले में गोवा सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। राज्य सरकार ने तेजपाल को मिली सजा को अपर्याप्त बताते हुए सजा बढ़ाने की मांग की है। सरकार का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें अधिक कठोर सजा दी जानी चाहिए।
गोवा सरकार ने विशेष रूप से उस व्यवस्था को चुनौती दी है, जिसमें दोषसिद्धि के बाद दो अलग-अलग दोषों के लिए सुनाई गई 10-10 वर्ष की सजाओं को एक साथ चलाने का फैसला किया गया। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से दोनों सजाओं के संबंध में आदेश की समीक्षा करने की मांग की है।
तरुण तेजपाल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि तत्काल सरेंडर की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने 6 अगस्त के अपने फैसले में आत्मसमर्पण के आदेश पर एक महीने की रोक लगाई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने दलीलों पर विचार करने के बाद तेजपाल को दो सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का निर्देश दिया।
हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का फैसला पलटा था
बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने 6 अगस्त को निचली अदालत के उस फैसले को रद्द कर दिया था, जिसमें तेजपाल को आरोपों से बरी किया गया था। हाईकोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी उल्लेख किया था कि घटना के बाद काफी समय बीत चुका है और उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार इस अवधि के दौरान तेजपाल के खिलाफ किसी अन्य आपराधिक कृत्य की जानकारी सामने नहीं आई। इन्हीं परिस्थितियों को सजा निर्धारण के दौरान ध्यान में रखा गया था। अब सुप्रीम कोर्ट में तेजपाल की दोषसिद्धि और सजा को चुनौती देने वाली अपील के साथ-साथ गोवा सरकार की सजा बढ़ाने संबंधी याचिका पर भी आगे सुनवाई होगी। इस मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी।