Migraine: माइग्रेन से हैं परेशान? इन चीजों से बनाएं दूरी, वरना बढ़ सकता है सिरदर्द

बार-बार होने वाले तेज सिरदर्द को नजरअंदाज न करें, खान-पान और लाइफस्टाइल में बदलाव से मिल सकती है राहत

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Migraine: आजकल माइग्रेन की समस्या तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है। यह एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है, जिसमें सिर के एक हिस्से में तेज और धड़कता हुआ दर्द हो सकता है। कई लोगों को इसके साथ मतली, उल्टी, तेज रोशनी और आवाज से परेशानी जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। सामान्य सिरदर्द की तुलना में माइग्रेन का दर्द अधिक तीव्र हो सकता है और कई घंटे या कभी-कभी इससे भी ज्यादा समय तक बना रह सकता है। इसके ट्रिगर हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ लोगों में तनाव, नींद की कमी या तेज रोशनी समस्या बढ़ाती है, जबकि कुछ लोगों में खास खाद्य पदार्थ माइग्रेन को ट्रिगर कर सकते हैं। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि नीचे बताए गए सभी खाद्य पदार्थ हर माइग्रेन मरीज में समस्या पैदा करें। इसलिए अपने व्यक्तिगत ट्रिगर को पहचानना सबसे महत्वपूर्ण है।

माइग्रेन के प्रमुख लक्षण

माइग्रेन के दौरान अलग-अलग लोगों में अलग-अलग लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इसके सामान्य लक्षणों में शामिल हैं—
सिर के एक तरफ तेज या धड़कता हुआ दर्द
रोशनी और तेज आवाज से परेशानी
मतली या उल्टी
आंखों के सामने चमकती रोशनी, धब्बे या अन्य दृश्य बदलाव
हाथ-पैर में झनझनाहट या सुन्नपन
बोलने में परेशानी
चिड़चिड़ापन और थकान
कुछ लोगों में सिरदर्द शुरू होने से पहले ऑरा के लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।

माइग्रेन में इन चीजों से सावधान रहें

1. कॉफी और ज्यादा कैफीन

कैफीन का असर हर व्यक्ति पर अलग हो सकता है। कुछ लोगों को थोड़ी मात्रा में कैफीन से राहत मिलती है, लेकिन अत्यधिक या अनियमित कैफीन सेवन कुछ लोगों में माइग्रेन को ट्रिगर कर सकता है। वहीं, रोजाना ज्यादा कैफीन लेने के बाद अचानक इसे बंद करना भी सिरदर्द पैदा कर सकता है। इसलिए अगर आपको बार-बार माइग्रेन होता है तो चाय, कॉफी और कैफीन वाले पेय पदार्थों की मात्रा पर नजर रखें।

2. कुछ तरह की चीज

कुछ लोगों में एज्ड चीज जैसे चेडर, ब्लू चीज, स्विस और अन्य पुराने चीज माइग्रेन को ट्रिगर कर सकते हैं। इनमें मौजूद कुछ यौगिक संवेदनशील लोगों में सिरदर्द की समस्या बढ़ा सकते हैं। अगर चीज खाने के बाद बार-बार माइग्रेन होता है, तो कुछ समय के लिए इसे सीमित करके अपने लक्षणों पर नजर रख सकते हैं।

3. बहुत ठंडी चीजें

आइसक्रीम या बहुत ठंडी चीजें खाने से कुछ लोगों को अचानक तेज सिरदर्द हो सकता है, जिसे आमतौर पर ब्रेन फ्रीज कहा जाता है। कुछ माइग्रेन मरीजों में यह दर्द माइग्रेन अटैक को भी ट्रिगर कर सकता है। खासकर गर्मी या एक्सरसाइज के तुरंत बाद बहुत ठंडी चीजें लेने से बचना बेहतर हो सकता है, अगर आपने पहले इनके बाद सिरदर्द महसूस किया हो।

4. पनीर और प्रोसेस्ड डेयरी उत्पाद

पनीर या अन्य डेयरी उत्पाद हर व्यक्ति के लिए माइग्रेन ट्रिगर नहीं होते। हालांकि, अगर किसी खास डेयरी उत्पाद के सेवन के बाद बार-बार सिरदर्द होता है तो उसे अपने फूड ट्रिगर की सूची में शामिल करके डॉक्टर या डायटीशियन से सलाह ली जा सकती है।

5. सूखे मेवे और कुछ अन्य खाद्य पदार्थ

कुछ लोगों में सूखे मेवे, खासकर ऐसे उत्पाद जिनमें सल्फाइट्स या अन्य प्रिजर्वेटिव्स मौजूद हों, सिरदर्द को ट्रिगर कर सकते हैं। इसी तरह कुछ लोगों को खट्टे फल या अन्य विशेष खाद्य पदार्थों से भी परेशानी हो सकती है।

इसलिए बिना वजह सभी खाद्य पदार्थों को डाइट से हटाने के बजाय यह पहचानना जरूरी है कि कौन-सा भोजन वास्तव में आपके माइग्रेन को ट्रिगर करता है।

लंबे समय तक माइग्रेन को नजरअंदाज न करें

बार-बार होने वाला या अचानक बहुत तेज सिरदर्द सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। माइग्रेन और हृदय या स्ट्रोक के जोखिम के बीच संबंध पर शोध हुआ है, खासकर ऑरा वाले माइग्रेन में, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि माइग्रेन होने से किसी व्यक्ति को निश्चित रूप से हार्ट अटैक या स्ट्रोक होगा।
अगर सिरदर्द का पैटर्न अचानक बदल जाए, जीवन का सबसे तेज सिरदर्द हो, साथ में कमजोरी, बोलने में दिक्कत, बेहोशी, दौरा, दृष्टि में गंभीर बदलाव या सीने में दर्द जैसे लक्षण हों तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।

माइग्रेन को कंट्रोल करने के लिए क्या करें?

माइग्रेन को नियंत्रित करने के लिए केवल भोजन पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। लाइफस्टाइल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

लंबे समय तक खाली पेट न रहें और नियमित अंतराल पर भोजन करें।
पर्याप्त और नियमित नींद लें।
दिनभर पर्याप्त पानी पिएं।
तनाव कम करने के लिए मेडिटेशन और रिलैक्सेशन तकनीकों का सहारा लें।
तेज रोशनी, तेज आवाज या अन्य व्यक्तिगत ट्रिगर से बचें।
कैफीन का सेवन सीमित और नियमित रखें।
माइग्रेन डायरी बनाकर देखें कि किस भोजन या परिस्थिति के बाद दर्द शुरू होता है।
बार-बार माइग्रेन होने पर डॉक्टर से उचित जांच और उपचार की सलाह लें।

जरूरी बात

माइग्रेन का कोई एक ऐसा खाद्य पदार्थ नहीं है जिसे हर मरीज के लिए पूरी तरह प्रतिबंधित माना जाए। ट्रिगर व्यक्ति-दर-व्यक्ति अलग हो सकते हैं। इसलिए अपनी डाइट में बड़े बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य डायटीशियन से सलाह लेना बेहतर है। सही उपचार, नियमित दिनचर्या और व्यक्तिगत ट्रिगर की पहचान से माइग्रेन के अटैक को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

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Migraine: माइग्रेन से हैं परेशान? इन चीजों से बनाएं दूरी, वरना बढ़ सकता है सिरदर्द

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