Har Ghar Tiranga 2026: तिरंगा फहराने से पहले जान लें ये जरूरी नियम, वरना हो सकती है कार्रवाई

Har Ghar Tiranga 2026: तिरंगा फहराते समय भूलकर भी न करें ये काम, जानें Flag Code के जरूरी नियम

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Har Ghar Tiranga 2026: 15 अगस्त का दिन हर भारतीय के लिए गर्व और सम्मान का प्रतीक है। इसी दिन वर्ष 1947 में भारत को ब्रिटिश शासन से आजादी मिली थी। देश की स्वतंत्रता की याद में हर साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। इस मौके पर प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराते हैं। इसके अलावा स्कूल-कॉलेज, सरकारी संस्थानों और विभिन्न संगठनों में भी ध्वजारोहण किया जाता है। बड़ी संख्या में लोग अपने घरों पर भी राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं।

तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। ऐसे में राष्ट्रीय ध्वज फहराते समय भारतीय ध्वज संहिता (Flag Code of India) के नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं कि घर, स्कूल या किसी संस्थान में तिरंगा फहराते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और कौन-सी गलतियां करने से बचना चाहिए।

तिरंगा फहराते समय इन बातों का रखें ध्यान | Har Ghar Tiranga 2026

तिरंगे का आकार सही होना चाहिए: राष्ट्रीय ध्वज आयताकार होना चाहिए और इसकी लंबाई-चौड़ाई का अनुपात 3:2 होना चाहिए।

रंगों का क्रम सही रखें: तिरंगे में सबसे ऊपर केसरिया, बीच में सफेद और सबसे नीचे हरा रंग होना चाहिए। सफेद पट्टी के बीच नीले रंग का अशोक चक्र होता है, जिसमें 24 तीलियां होती हैं।

झंडा स्पष्ट रूप से दिखाई दे: तिरंगे को ऐसी जगह फहराया जाना चाहिए, जहां वह साफ नजर आए और किसी दूसरी वस्तु या झंडे की आड़ में न हो।

तिरंगा साफ और सम्मानजनक स्थिति में हो: राष्ट्रीय ध्वज गंदा, फटा या क्षतिग्रस्त नहीं होना चाहिए। ध्वजारोहण के लिए हमेशा साफ और सही स्थिति वाले तिरंगे का इस्तेमाल करें।

मान्य सामग्री का ही इस्तेमाल करें: राष्ट्रीय ध्वज हाथ से काते या बुने हुए कपास, खादी के साथ-साथ मशीन से बने कपास, पॉलिएस्टर और अन्य अनुमत सामग्री से बनाया जा सकता है।

हर दिन फहरा सकते हैं: आम नागरिक, निजी संगठन और शैक्षणिक संस्थान अब निर्धारित नियमों का पालन करते हुए रविवार और सार्वजनिक छुट्टियों समेत सभी दिनों में तिरंगा फहरा सकते हैं।

तिरंगा जमीन या पानी को न छुए: ध्वजारोहण और ध्वज उतारते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि राष्ट्रीय ध्वज जमीन, फर्श या पानी के संपर्क में न आए।

सम्मानपूर्वक उतारें और सुरक्षित रखें: तिरंगे को नीचे उतारते समय सावधानी बरतें। इसे सम्मान के साथ धीरे-धीरे उतारकर सही तरीके से मोड़कर सुरक्षित स्थान पर रखें।

तिरंगे के साथ ये गलतियां बिल्कुल न करें

तिरंगा उल्टा न फहराएं: केसरिया रंग हमेशा ऊपर और हरा रंग नीचे होना चाहिए। इसे उल्टा फहराना राष्ट्रीय ध्वज का अपमान माना जाता है।

जमीन या पानी पर न रखें: तिरंगे को जमीन, फर्श या पानी पर गिरने या घसीटने से बचाएं।

सजावट के लिए इस्तेमाल न करें: राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल किसी सजावटी वस्तु के तौर पर नहीं किया जाना चाहिए। इसे कपड़ों, कुशन, मेजपोश या अन्य वस्तुओं पर इस तरह इस्तेमाल करने से बचना चाहिए जिससे ध्वज की गरिमा प्रभावित हो।

किसी वस्तु को ढकने के लिए इस्तेमाल न करें: राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल किसी वस्तु को ढकने के लिए नहीं किया जाना चाहिए, सिवाय उन परिस्थितियों के जो नियमों के तहत विशेष रूप से अनुमत हैं, जैसे राजकीय या सैन्य अंतिम संस्कार।

दूसरे झंडे के नीचे न लगाएं: तिरंगे को किसी दूसरे झंडे के नीचे या ऐसी स्थिति में नहीं लगाया जाना चाहिए जिससे उसकी गरिमा या प्रमुखता कम हो।

तिरंगे पर कुछ न लिखें: राष्ट्रीय ध्वज पर किसी भी तरह का संदेश, नाम, नारा, चित्र या निशान लिखना या छापना नहीं चाहिए।

कमर के नीचे ध्वज का प्रतीक न लगाएं: राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े बैज या फ्लैग पिन का इस्तेमाल करते समय भी उसकी गरिमा का ध्यान रखना जरूरी है। इसे शरीर के कमर से नीचे वाले हिस्से पर नहीं लगाया जाना चाहिए।

तिरंगे का अपमान करना पड़ सकता है भारी

राष्ट्रीय ध्वज का जानबूझकर अपमान करना, उसे नुकसान पहुंचाना, फाड़ना या जलाना कानून के तहत दंडनीय हो सकता है। राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 और संबंधित नियमों के तहत राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

स्वतंत्रता दिवस पर रखें तिरंगे का सम्मान

15 अगस्त पर घर, स्कूल या किसी सार्वजनिक स्थान पर तिरंगा फहराना हर भारतीय के लिए गर्व का अवसर है। लेकिन देश की शान माने जाने वाले राष्ट्रीय ध्वज के साथ सम्मान और सावधानी बरतना भी उतना ही जरूरी है। इसलिए ध्वजारोहण से पहले नियमों की जानकारी जरूर रखें और दूसरों को भी तिरंगे के सम्मान के प्रति जागरूक करें।

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