शिक्षा और रोजगार
School News: मम्मड़ खेड़ा के युवाओं ने संभाली सरकारी स्कूलों की कमान, चार साल में बदली तस्वीर
सनराइज एजुकेशनल ट्रस्ट ने शिक्षा, सुविधाओं के साथ पर्यावरण संरक्षण को बनाया मिशन
खारियां, (सच कहूँ/सुनील कुमार)। सरकारी स्कूलों में सुविधाओं की कमी और विद्यार्थियों की घटती संख्या को लेकर अक्सर सवाल उठते हैं, लेकिन रानियां क्षेत्र के गांव मम्मड़ खेड़ा के युवाओं ने इसका जवाब शिकायतों से नहीं, बल्कि अपने प्रयासों से दिया है। जुलाई 2022 में गांव के युवाओं ने सनराइज एजुकेशनल ट्रस्ट का गठन किया। उद्देश्य था सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर बेहतर करना, विद्यार्थियों को सुविधाएं उपलब्ध करवाना और लोगों का सरकारी शिक्षा के प्रति भरोसा मजबूत करना। बीते चार वर्षों में ग्रामीणों और स्कूल प्रबंधन के सहयोग से ट्रस्ट ने दोनों राजकीय विद्यालयों में कई ऐसे काम करवाए, जिनका असर स्कूल की व्यवस्थाओं से लेकर विद्यार्थियों की संख्या तक दिखाई देने लगा है। Sirsa News
ट्रस्ट प्रधान मुकेश बेनीवाल के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरूआत में ट्रस्ट सदस्यों ने ग्रामीणों और शिक्षकों के साथ मिलकर दोनों राजकीय विद्यालयों में 55 नए विद्यार्थियों के दाखिले करवाए। करीब 15 वर्षों से स्कूल में सफाई कर्मचारी नहीं था। ट्रस्ट और स्कूल प्रबंधन ने मिलकर अस्थायी सफाई कर्मचारी की व्यवस्था की। शिक्षकों की कमी को देखते हुए अस्थायी शिक्षकों की व्यवस्था की गई। दूर की ढाणियों से आने वाले छोटे बच्चों के सामने परिवहन की परेशानी थी, इसलिए उनके लिए निजी वाहन की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई। इस मुहिम में ट्रस्ट प्रधान मुकेश बेनीवाल, उपप्रधान बलदेव झोरड़, सचिव रणजीत बेनीवाल, सह सचिव मनजीत बेनीवाल सहित अन्य सदस्य लगातार योगदान दे रहे हैं।
स्कूल से बाहर भी दिख रही युवाओं की पहल
शिक्षा के साथ ट्रस्ट ने पर्यावरण और जीव-जंतुओं की सेवा को भी अपनी गतिविधियों में शामिल किया है। गांव में अब तक 500 से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं और उनकी नियमित देखभाल की जा रही है। पक्षियों के दाना-पानी के लिए सार्वजनिक स्थानों पर 200 से अधिक सकोरे लगाए गए हैं। ग्रामीणों, पंचायत सदस्यों और विद्यालय शिक्षकों का कहना है कि युवाओं की इस पहल से सरकारी स्कूलों के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है। उनका मानना है कि यदि दूसरे गांवों के युवा भी इसी तरह स्कूलों के साथ जुड़ें तो सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। Sirsa News
सुविधाएं बढ़ीं तो स्कूल का माहौल भी बदला
ट्रस्ट की पहल पर पंचायत समिति रानियां के सहयोग से स्कूल में विद्यार्थियों के लिए शौचालय, विशाल मंच और स्वच्छ पेयजल टंकी का निर्माण करवाया गया। दोनों राजकीय विद्यालयों में सोलर पैनल भी लगाए गए हैं। इस वर्ष सरकारी स्कूल शिक्षा एवं व्यवस्था सुधार समिति का गठन किया गया है, जो विद्यालय प्रबंधन के साथ मिलकर स्कूल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में सहयोग कर रही है।
मेधावी बच्चों को सम्मानित कर बढ़ा रहे हौसला
युवाओं की यह पहल केवल स्कूल की सुविधाओं तक सीमित नहीं है। ट्रस्ट शिक्षा और खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का हर साल सम्मान करता है। बोर्ड कक्षाओं में सर्वाधिक अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस पर टारगेट अचीवमेंट अवार्ड दिया जाता है। पहली से 12वीं तक प्रथम तीन स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को उपहार देकर प्रोत्साहित किया जाता है। मकसद यही है कि मेहनत करने वाले बच्चों को पहचान मिले और दूसरे विद्यार्थी भी उनसे प्रेरणा लें। Sirsa News