पेट्रोल पंप से 8.64 लाख रुपये का गबन कर रची खुद की मौत की साजिश, आरोपी से 4.30 लाख रुपये बरामद
सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सीआईए स्टाफ ने किया पर्दाफाश
डबवाली/गोरीवाला,(सच कहूँ/अनिल)। पेट्रोल पंप से 8.64 लाख रुपये का गबन करने के बाद अपनी मौत का झूठा नाटक रचकर फरार हुए कर्मचारी को डबवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पुलिस और परिजनों को गुमराह करने के लिए नहर में कूदकर आत्महत्या करने का ड्रामा रचा था। सीआईए स्टाफ ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से गबन की गई राशि में से 4 लाख 30 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।
वीरवार को आयोजित प्रेस वार्ता में उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) योगेश कटारिया ने बताया कि पुलिस अधीक्षक जसलीन कौर के निर्देशन में सीआईए स्टाफ डबवाली ने मामले का सफलतापूर्वक खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि आरोपी दयाराम गांव डबवाली स्थित एक पेट्रोल पंप पर कर्मचारी था। उसने पेट्रोल पंप की 8 लाख 64 हजार 917 रुपये की नकद राशि का गबन कर लिया। जब उसे अपने कृत्य के उजागर होने का अंदेशा हुआ तो उसने खुद को बचाने के लिए अपनी मौत की झूठी साजिश रच डाली।
नहर किनारे छोड़ गया था बाइक और बच्ची का सामान
पुलिस के अनुसार 7 जुलाई 2026 को आरोपी अपनी छोटी बच्ची को साथ लेकर गांव अबूबशहर के पास राजकनाल नहर पर पहुंचा। वहां उसने अपनी मोटरसाइकिल, जूते, बच्ची का स्कूल बैग और सैंडल छोड़ दिए, ताकि लोगों को लगे कि उसने नहर में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली है। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया। दो दिन बाद उसके भाई ने थाना शहर डबवाली में शिकायत देकर मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या करने या किसी के द्वारा छिपा लिए जाने की आशंका जताई। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी।
आर्थिक अपराधों पर जीरो टॉलरेंस की नीति
डीएसपी योगेश कटारिया ने कहा कि डबवाली पुलिस आर्थिक अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक साक्ष्यों की मदद से अपराधियों की हर साजिश का पदार्फाश किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पेट्रोल पंप संचालक की शिकायत से खुला राज
इसी दौरान पेट्रोल पंप संचालक ने पुलिस को शिकायत देकर बताया कि आरोपी 8 लाख 64 हजार 917 रुपये की नकदी लेकर फरार हो गया है। इस शिकायत पर 13 जुलाई को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान सीआईए स्टाफ प्रभारी उपनिरीक्षक शैलेन्द्र कुमार के नेतृत्व में टीम ने घटनास्थल से मिले सुराग, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। लगातार दबिश के बाद संयुक्त पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से गबन की गई राशि में से 4 लाख 30 हजार रुपये नकद बरामद किए गए।