शिक्षा और रोजगार
2 साल से लापता अमित को डेरा अनुयायियों ने अपनों से मिलवाया
उपखंड अधिकारी की मौजूदगी में युवक को परिजनों को सौंपा
संगरिया, (सच कहूँ/सुरेन्द्र जग्गा)। कहते हैं कि अगर इरादे नेक और हौसले बुलंद हों, तो कोई भी कार्य असंभव नहीं है। डेरा सच्चा सौदा की शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादारों ने एक बार फिर मानवता की ऐसी ही एक मिसाल कायम की है। सेवादारों ने कानपुर (उत्तर प्रदेश) से पिछले दो वर्षों से लापता 28 वर्षीय मानसिक रूप से परेशान युवक अमित को संगरिया उपखंड अधिकारी जय कौशिक की मौजूदगी में उसके परिजनों को सौंप दिया। 7 अगस्त 2026 को जब नगराना टोल नाके के पास एक होटल संचालक धर्मवीर भारती की नजर एक बेसहारा और मानसिक रूप से परेशान युवक पर पड़ी।
उन्होंने तुरंत इसकी सूचना शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादार सुरेन्द्र जग्गा को दी। सेवादार भाई ने बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचे और उस बेबस युवक को सहारा देकर संगरिया स्थित एमएसजी डेरा सच्चा सौदा व मानवता भलाई केंद्र लेकर आए। इसकी सूचना स्थानीय पुलिस थाने को भी दी गई। सेवादारों ने युवक को खाना खिलाया, नहला व साफ सुथरे कपड़े पहनाएं। युवक की हालत में सुधार होने के बाद उसने अपना नाम अमित और घर उत्तर प्रदेश बताया। इसके बाद सेवादार रामफल इन्सां और अन्य भाइयों ने दिन-रात एक करके अमित के बताए सुरागों का पीछा किया।
मात्र दो दिनों की कड़ी मशक्कत के बाद सेवादारों ने उसके असली घर माधव नगर, सरसौल, जिला कानपुर (उत्तर प्रदेश) का पता लगा लिया और उसके परिजनों से संपर्क साधा। इस पुनीत कार्य में ब्लॉक प्रेमी सेवक लवली गर्ग इन्सां, शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के जिम्मेवार लालचंद इन्सां, महेश इन्सां, अमराराम इन्सां, सुखदेव इन्सां, बबलू गर्ग इन्सां, रविंदर खोसा इन्सां, पवन इन्सां जंडवाला, महेश गोयल इन्सां व रविंद्र खोसा इन्सां का सहयोग रहा।
प्रशासन व समाज ने की सराहना
उपखंड अधिकारी जय कौशिक की मौजूदगी में सभी कानूनी और कागजी औपचारिकताएं पूरी कर अमित को उसके परिवार को सौंप दिया गया। एसडीएम जय कौशिक ने सेवादारों की पीठ थपथपाते हुए कहा, "आप लोग इसी तरह समाज सेवा के कार्यों में जुटे रहें और प्रशासन का सहयोग करते रहें।" समाजसेवी अशोक जैन ने कहा कि डेरा सच्चा सौदा के पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन शिक्षाओं पर चलते हुए साध-संगत मानवता भलाई कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेती है।
आपकी वजह से आज हमारा भाई हमें वापस मिल गया: अकरम
अमित के जिंदा और सुरक्षित होने की खबर मिलते ही उसका भाई अकरम, माता नाजों और ताई सुमित्रा संगरिया के लिए रवाना हो गए। जब मां ने दो साल बाद अपने बेटे को सही-सलामत देखा, तो उसकी आंखों से आंसु बहने लगे। अमित के भाई अकरम ने रूंधे गले से कहा, "दो साल पहले अमित मानसिक परेशानी के कारण घर से कहीं चला गया था। इतने लंबे समय में हमने उसे हर जगह ढूंढा, उम्मीदें पूरी तरह टूट चुकी थीं। लेकिन आपकी वजह से आज हमारा भाई हमें वापस मिल गया। इस परोपकार का कर्ज हम जिंदगी भर नहीं उतार पाएंगे।" वहीं, अमित की माता ने सेवादारों से कहा, ‘आप लोग हमारे लिए खुदा के फरिश्ते हो।’