Muskan Suicide Case: मुस्कान आत्महत्या मामला में सर्वखाप ने शीलू पहलवान व परिजनों को किया माफ

पांच घंटे चली महापंचायत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं

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रोहतक(सच कहूँ/नवीन मलिक)। Muskan Suicide Case: अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी शीलू पहलवान की पत्नी मुस्कान की आत्महत्या के मामले में महम चौबीसी की सर्वखाप पंचायत ने मंगलवार को अहम फैसला सुनाते हुए शीलू पहलवान, उनके पिता सुरेंदर बल्हारा, माता और भाई मनीष को माफ कर दिया। महम चौबीसी और अठगामा से जुड़े करीब 50 पंचायती प्रतिनिधियों की मौजूदगी में करीब पांच घंटे तक चली पंचायत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। इस दौरान वाद-विवाद और आरोप-प्रत्यारोप भी हुए।

अंत में पंचायत ने दोनों पक्षों के बीच विवाद को खत्म कर आपसी भाईचारा कायम रखने का फैसला सुनाया, जिसे दोनों पक्षों ने स्वीकार किया। पंचायत में शीलू पहलवान, उनके भाई मनीष और पिता सुरेंदर बल्हारा मौजूद रहे। पंचायत प्रतिनिधियों के समक्ष चारों आरोपियों ने अपनी बात रखी और माफी मांगी। इसके बाद खाप प्रतिनिधियों ने मामले को आगे बढ़ाने के बजाय परिवार और बच्चे के भविष्य को प्राथमिकता देने की बात कहते हुए उन्हें माफ करने का फैसला सुनाया।

बच्चे के नाम होगी 50 लाख की एफडी

पंचायत ने मुस्कान और शीलू पहलवान के करीब आठ माह के बेटे के भविष्य को लेकर भी बड़ा फैसला लिया। पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार, बच्चे के नाम 50 लाख रुपये की एफडी कराई जाएगी और शीलू पहलवान के हिस्से की जमीन भी उसके नाम की जाएगी। पंचायत ने इसके लिए जरूरी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया एक सप्ताह के भीतर पूरी करने की बात कही है। पंचायत का जोर इस बात पर रहा कि विवाद का सबसे बड़ा असर मासूम बच्चे के भविष्य पर न पड़े।

शीलू की दूसरी शादी का भी प्रस्ताव

महापंचायत में शीलू पहलवान की दोबारा शादी का प्रस्ताव भी रखा गया। पंचायत प्रतिनिधियों ने परिवार को दोबारा व्यवस्थित करने और बच्चे के भविष्य को सुरक्षित रखने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही। वहीं, मुस्कान पक्ष की ओर से पुलिस को दी गई शिकायत को वापस लेने की बात भी पंचायत में सामने आई। पंचायत ने दोनों परिवारों के बीच समझौते और भाईचारे को बनाए रखने पर जोर दिया। करीब पांच घंटे चली पंचायत में मामले के विभिन्न पहलुओं को लेकर दोनों पक्षों में बहस हुई।

आरोप-प्रत्यारोप के बाद पंचायत प्रतिनिधियों ने दोनों पक्षों को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया। इसके बाद खाप प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से फैसला सुनाया। पंचायत ने स्पष्ट किया कि विवाद को लंबा खींचने के बजाय परिवार और बच्चे के भविष्य को सुरक्षित करना प्राथमिकता होनी चाहिए। महापंचायत में फरमाना पंचायत प्रधान सतीश प्रधान, अठगामा प्रधान धर्मबीर, बहु अकबरपुर के सरपंच प्रतिनिधि सत्यवान, गठवाला खाप से राय बहादुर तथा खाप प्रतिनिधि सत्यप्रकाश विसला समेत अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।

पंचायत के फैसले से आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर

पंचायत ने शीलू पहलवान और उनके परिजनों के खिलाफ दी गई पुलिस शिकायत को वापस लेने की बात कही है। हालांकि, पंचायत स्तर पर हुआ यह फैसला अपने आप में किसी आपराधिक मामले की कानूनी प्रक्रिया समाप्त नहीं करता। शिकायत या मुकदमे की स्थिति में उसे वापस लेने अथवा आगे की कार्रवाई संबंधित पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगी। ऐसे में अब पंचायत के फैसले के बाद एफडी और जमीन बच्चे के नाम करने तथा पुलिस शिकायत वापस लेने की कार्रवाई पर नजर रहेगी। 

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