ड्रेन टूटने से सैकड़ों एकड़ फसल हुई जलमग्न, किसानों को हुआ भारी नुकसान
गांव सिसरोली व टिटोली के बीच टूटी ड्रेन नंबर आठ, सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मरम्त कार्य किया शुरू, किसानों ने उचित मुआवजे की मांग
रोहतक (सच कहूँ न्यूज)। Rohtak News: जिले के गांव सिसरोली व टिटौली के बीच से गुजर रही ड्रेन नंबर आठ की पटरी टूटने से आसपास के खेतों में पानी भर गया, जिससे सैकड़ों एकड़ में लगी फसल पूरी तरह से डूब गई। नहर टूटने की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और नहर को पाटने का काम शुरू किया। नहर टूटने से किसानों को काफी नुकसान हुआ है। ड्रेन टूटने का कारण उसकी साफ सफाई नहीं होना बताया गया है, क्योकि बरसात का पानी ड्रेन नंबर आठ में छोड़ा गया है, जिसके चलते नहर ओवर फ्लो हुई और पटरी कमजोर होने के चलते वह टूट गई।
किसानों ने आरोप लगाया कि कई बार नहर की सफाई को लेकर अधिकारियों को लिखित में अवगत कराया जा चुका था, लेकिन इस और कोई ध्यान नहीं दिया गया और अब नहर के टूटने से उनकी सैकड़ों एकड़ में लगी फसल खराब हो गई है। किसानों ने लापरवाह अधिकारियों पर कारवाई व फसल खराब के उचित मुआवजे की मांग की। मंगलवार सुबह गांव सिसरोली व टिटौली से निकलने वाली ड्रेन नंबर आठ में अचानक से दरार आनी शुरू हो गई। ड्रेन में करीब बीस फुट कटाव हो गया, जिसके कारण सारा पानी खेतों में भरने लगा। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और इस बारे में सिंचाई विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी।
विभाग के अधिकारी तुंरत मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर पटाव का कार्य शुरू किया। किसानों ने आरोप लगाया कि हर साल ड्रेन टूटने का खतरा बना रहता है, क्योकि बरसाती पानी की निकासी के लिए यह ड्रेन बनाई गई है, लेकिन नहर की साफ-सफाई समय पर नहीं होती है, जिसके कारण पहले भी नहर टूट चुकी है और किसानों की कई एकड़ फसल खराब हो चुकी है। किसानों ने सरकार से इस समस्या का स्थाई समाधान करने व फसल खराब का उचित मुआवजा देने की मांग की।