चरखी दादरी फायरिंग मामले में बड़ी कार्रवाई, पुलिस मुठभेड़ के बाद मुख्य आरोपी गिरफ्तार; 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड
चरखी दादरी में सिटी थाने के सामने फायरिंग मामले में मुख्य आरोपी रोहित कातिया गिरफ्तार
Charkhi Dadri Firing case: चरखी दादरी। हरियाणा के चरखी दादरी में सिटी थाना के सामने हुई गोलीबारी के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद मामले के मुख्य आरोपी रोहित कातिया को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के पैर में गोली लगी है और उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी पुलिस प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक लोगेश कुमार ने कोर्ट परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार पर तैनात क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) के छह जवानों को कथित लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया है।
गुप्त सूचना के बाद पुलिस ने की नाकाबंदी
डीएसपी धीरज कुमार के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली थी कि फायरिंग की वारदात में शामिल आरोपी बौंद-कलानौर लिंक रोड से होकर गुजर सकते हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने मार्ग पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस ने सफेद रंग की एक कार को रुकने का संकेत दिया। पुलिस का दावा है कि कार से बाहर निकलते ही आरोपी ने जवानों पर गोली चला दी। एक गोली पुलिस के सरकारी वाहन के बंपर पर भी लगी।
पुलिस के अनुसार आरोपी को हथियार डालकर आत्मसमर्पण करने के लिए कहा गया, लेकिन उसने दोबारा फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक अवैध पिस्तौल बरामद होने की बात सामने आई है। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, एफएसएल और सीन ऑफ क्राइम टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए।
मूल फायरिंग में सात लोग हुए थे घायल
पुलिस के अनुसार शहर थाने के सामने हुई शुरुआती गोलीबारी में कुल सात लोग घायल हुए थे। डीएसपी ने बताया कि घायल लोगों में से छह के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है। फतेहगढ़ निवासी अमित के खिलाफ हत्या सहित अलग-अलग धाराओं में 21 मामले दर्ज बताए गए हैं। विजय उर्फ सन्नी पर छह और अंकित पुत्र सतबीर पर पांच मामले दर्ज हैं। वहीं कृष्ण, कीर्तिमान और सूरजमल के खिलाफ एक-एक आपराधिक मामला दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। घायल अंकित पुत्र सुरेश के खिलाफ फिलहाल कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है।
फायरिंग की घटना कोर्ट परिसर से बाहर निकलने के बाद करीब 50 मीटर की दूरी पर सिटी थाने के सामने हुई थी। कोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था क्यूआरटी के जिम्मे रहती है। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए मुख्य गेट पर तैनात छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।