Haryana SIR 2026: हरियाणा की वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव, SIR के तहत 16.39% नाम हटाए गए

गुरुग्राम और फरीदाबाद में सबसे ज्यादा मतदाताओं के नाम सूची से बाहर, 30 अगस्त तक दावे-आपत्तियां दर्ज कराने का मौका

Published On

Haryana SIR 2026: प्रतापनगर, राजेन्द्र कुमार। हरियाणा में मतदाता सूची की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के तहत ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 31 जुलाई 2026 को प्रकाशित कर दिया गया है। इस प्रक्रिया के दौरान राज्य की मतदाता सूची में बड़ा बदलाव सामने आया है। आंकड़ों के मुताबिक, कुल पंजीकृत मतदाताओं में से 16.39 प्रतिशत नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए हैं। इनमें औद्योगिक जिलों गुरुग्राम और फरीदाबाद की हिस्सेदारी करीब 28 प्रतिशत बताई जा रही है। SIR के तहत अब तक जिन राज्यों में यह प्रक्रिया पूरी की गई है, उनमें मतदाताओं के नाम हटाए जाने के मामले में हरियाणा तीसरे स्थान पर है। इससे ऊपर अरुणाचल प्रदेश में 19.09 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में 18.7 प्रतिशत नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे।

83.61 प्रतिशत मतदाताओं ने जमा किए गणना फॉर्म| Haryana SIR 2026

हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, राज्य के 83.61 प्रतिशत पंजीकृत मतदाताओं ने अपना गणना फॉर्म जमा किया। इन्हीं फॉर्म के आधार पर पात्र मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल किए गए हैं।

वहीं, जिन मतदाताओं के फॉर्म निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्राप्त नहीं हुए या सत्यापन में वे अन्य श्रेणियों में पाए गए, उनके नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर किए गए। ऐसे मतदाताओं को स्थानांतरित, अनुपस्थित, मृत या एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत जैसी श्रेणियों में रखा गया है।

24 लाख से ज्यादा मतदाता पते पर नहीं मिले

निर्वाचन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 24 जुलाई 2026 तक हरियाणा में कुल 2,06,55,929 मतदाता पंजीकृत थे। इनमें से 1,72,72,627 मतदाताओं ने अपना गणना फॉर्म जमा किया।

सत्यापन के दौरान करीब 24.13 लाख मतदाता यानी 11.68 प्रतिशत अपने पंजीकृत पते पर नहीं मिले। इनमें कई ऐसे लोग शामिल हैं जो दूसरे शहर या राज्य में स्थानांतरित हो चुके हैं, लंबे समय से अनुपस्थित हैं या निर्धारित समय सीमा में गणना फॉर्म जमा नहीं कर पाए।

इसके अलावा करीब 7.66 लाख मतदाता यानी 3.71 प्रतिशत मृत पाए गए। वहीं लगभग 2.04 लाख मतदाताओं यानी 0.99 प्रतिशत के नाम एक से अधिक विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों में दर्ज मिले।

30 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं

ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद पात्र नागरिकों को अपनी आपत्ति या दावा दर्ज कराने का अवसर दिया गया है। 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं।

इस दौरान जिन पात्र लोगों का नाम सूची में नहीं है, वे जरूरी दस्तावेजों के साथ नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा नाम, पता या अन्य विवरण में गलती होने पर उसमें सुधार कराया जा सकता है। यदि किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल है तो उसके खिलाफ भी आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है।

इस पूरी प्रक्रिया की जांच के लिए हरियाणा में 90 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) और 1,601 सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO) तैनात किए गए हैं।

गुरुग्राम में सबसे ज्यादा मतदाताओं के नाम हटे

SIR के दौरान गुरुग्राम जिले में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। SIR शुरू होने से पहले जिले में 15,55,034 मतदाता थे, जो ड्राफ्ट सूची में घटकर 11,01,955 रह गए। इस तरह करीब 4.53 लाख मतदाताओं के नाम सूची से बाहर हुए हैं।

गुरुग्राम की अलग-अलग विधानसभा सीटों पर भी मतदाताओं की संख्या में बड़ी कमी दर्ज की गई है। बादशाहपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या 5,41,895 से घटकर करीब 3.66 लाख रह गई। गुरुग्राम विधानसभा क्षेत्र में यह संख्या 4,50,200 से घटकर 2,71,210 हो गई।

इसी तरह सोहना विधानसभा में मतदाताओं की संख्या 3,03,243 से घटकर 2,45,335 और पटौदी विधानसभा में 2,59,696 से घटकर 2,19,393 रह गई है।

फरीदाबाद में भी लाखों नाम सूची से बाहर

गुरुग्राम के साथ-साथ फरीदाबाद में भी मतदाता सूची में बड़ी कटौती सामने आई है। SIR से पहले जिले में करीब 18.8 लाख मतदाता थे, जबकि ड्राफ्ट सूची में यह संख्या घटकर लगभग 13.7 लाख रह गई है। यानी करीब 5.1 लाख मतदाताओं के नाम सूची से बाहर किए गए हैं।

अंतिम सूची से पहले होगी पूरी जांच

निर्वाचन विभाग के अनुसार, दावे और आपत्तियों के दौरान प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों की जांच की जाएगी। पात्र मतदाताओं को जरूरी दस्तावेजों के आधार पर सूची में शामिल किया जाएगा, जबकि गलत या अपात्र प्रविष्टियों की जांच की जाएगी। दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। ऐसे में जिन लोगों का नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है, उनके लिए 30 अगस्त तक अपना दावा दर्ज कराना बेहद महत्वपूर्ण है।

About The Author

Related Posts