सफाई कर्मियों की हड़ताल का असर, शहरों में लगे कूड़े के ढेर, जगह-जगह तालाबंदी
व्यवस्था चरमराई: सरसा, करनाल सहितकई निकाय कार्यालयों पर ताले लगाकर किया प्रदर्शन
कुरुक्षेत्र/सरसा/फतेहाबाद (सच कहूँ ब्यूरो)। Sanitation Workers' Strike: हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब प्रदेश के कई शहरों में साफ दिखाई देने लगा है। मंगलवार को कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नगर परिषद, नगर पालिका और निगम कार्यालयों के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर प्रदर्शन किया। कई स्थानों पर रोष मार्च निकालकर निकाय मंत्री विपुल गोयल के पुतले फूंके गए। कर्मचारियों ने 13 मई को हुए लिखित समझौते को लागू करने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, ठेका प्रथा खत्म करने, न्यूनतम वेतन बढ़ाने और अन्य मांगों पर ठोस कार्रवाई की मांग की। हड़ताल लंबी खिंचने से सरसा, कुरुक्षेत्र, कैथल, फतेहाबाद, करनाल सहित प्रदेश के कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। मुख्य बाजारों, सड़कों और रिहायशी क्षेत्रों में कचरे के ढेर बढ़ते जा रहे हैं। गर्मी के बीच दुर्गंध और कई जगह कचरे में आग लगाए जाने से उठ रहे धुएं ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।
दो घंटे तक कार्यालयों पर तालाबंदी: सरसा में सफाई कर्मचारियों ने सुबह करीब नौ बजे नगर परिषद कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़कर करीब दो घंटे धरना दिया। तालाबंदी के कारण जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, संपत्ति पहचान पत्र, एनओसी, कर, नक्शे सहित अन्य जरूरी कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को परेशानी हुई। कई लोग इंतजार के बाद वापस लौट गए। कुरुक्षेत्र में भी कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय पर दो घंटे तालाबंदी कर अंबेडकर चौक तक रोष मार्च निकाला और निकाय मंत्री का पुतला फूंका। कैथल में कर्मचारी नगर परिषद कार्यालय से पिहोवा चौक पहुंचे और वहां मंत्री का पुतला जलाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। फतेहाबाद में कर्मचारियों ने कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को बाहर निकालकर मुख्य द्वार पर ताला लगाया। जाखल में नगरपालिका कार्यालय सुबह नौ से 11 बजे तक बंद रहा, जबकि करनाल में भी नगर निगम कार्यालय के मुख्य द्वार पर दो घंटे तालाबंदी की गई।
जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर: लगातार हड़ताल के कारण शहरों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं। लोगों को दुर्गंध और गंदगी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फतेहाबाद में प्रशासन की ओर से कचरे के ढेरों पर दवाई का छिड़काव करवाया जा रहा है। वहीं सरसा में मुख्य डाकघर सहित कई स्थानों के आसपास सड़क पर कूड़ा बिखरा नजर आया। कई जगह कचरे में आग लगाए जाने से धुआं फैलने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
कर्मचारी नेताओं का कहना है कि 13 मई को सरकार के साथ हुई बातचीत में 17 मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन उनके संबंध में आवश्यक पत्र जारी नहीं किए गए। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें बार-बार आश्वासन दिए गए, मगर मांगों को लागू करने के स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। सरकार को लिखित समझौते को लागू कर लंबित मांगों पर स्पष्ट निर्णय लेना होगा। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज करने तथा बड़े स्तर पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। कैथल में जिला प्रधान ने मांगें नहीं माने जाने पर मंत्री आवास पर पड़ाव डालने की चेतावनी भी दी।