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UP Expressway News: यूपी चुनाव से पहले गड़करी ने कर दिया बड़ा ऐलान, यूपी के 73 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहण! किसान होंगे मालामाल, यहां पर बनेगा नया एक्सप्रेसवे, जानें रूट
UP Expressway News: विंध्य एक्सप्रेसवे से बदलेगी उत्तर प्रदेश के विंध्य क्षेत्र की तस्वीर, 330 किमी का होगा शानदार सफर
उत्तर प्रदेश में गंगा एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बाद अब एक और महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। करीब 330 किलोमीटर लंबे विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण की योजना है। लगभग 22 हजार करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली यह परियोजना उत्तर प्रदेश के विंध्य क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार देने के साथ-साथ कई राज्यों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।
प्रयागराज से सोनभद्र तक बनेगा एक्सप्रेसवे
प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे की शुरुआत प्रयागराज जिले की सोरांव तहसील के जूडापुर दांदू गांव से होगी। यहां से यह एक्सप्रेसवे विंध्य क्षेत्र से गुजरते हुए सोनभद्र जिले में छत्तीसगढ़ सीमा के पास स्थित परसा टोला तक पहुंचेगा। इस महत्वपूर्ण मार्ग के निर्माण से पूर्वी उत्तर प्रदेश और विंध्य क्षेत्र के बीच तेज और सुगम आवागमन का नया विकल्प तैयार होगा।
चार राज्यों से कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा
विंध्य एक्सप्रेसवे केवल उत्तर प्रदेश के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं होगा, बल्कि इसके जरिए मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ से संपर्क भी मजबूत होने की उम्मीद है। एक्सप्रेसवे के निर्माण से क्षेत्र में व्यापार, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर विकसित होने का रास्ता खुल सकता है।
प्रयागराज से रीवा, सतना और सीधी का सफर होगा आसान
इस एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा प्रयागराज और मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा करने वाले लोगों को मिलने की उम्मीद है। इसके बनने के बाद प्रयागराज से रीवा, सतना और सीधी तक पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम हो सकता है। प्रस्तावित परियोजना से इन क्षेत्रों के बीच यात्रा का समय लगभग आधा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
गंगा एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा विंध्य एक्सप्रेसवे
विंध्य एक्सप्रेसवे की एक खास विशेषता इसका गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ाव होगा। दोनों एक्सप्रेसवे के आपस में जुड़ने से दिल्ली-एनसीआर से विंध्य क्षेत्र तक सड़क संपर्क और बेहतर हो जाएगा। इससे दिल्ली-एनसीआर से विंध्य क्षेत्र की यात्रा करीब 8 से 9 घंटे में पूरी होने की संभावना है।
73 गांवों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के लिए जमीन और रूट से जुड़ा सर्वे कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। परियोजना के लिए कुल 73 गांवों को चिह्नित किया गया है। इनमें सोरांव तहसील के 23, फूलपुर तहसील के 24 और हंडिया तहसील के 26 गांव शामिल बताए गए हैं। इनमें से 45 गांवों का सर्वे पूरा होने के साथ भूमि चिह्नित करने का काम भी किया जा चुका है।
विकास को मिलेगी नई रफ्तार
विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण से केवल आवागमन ही आसान नहीं होगा, बल्कि इसके आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से किसानों को अपनी उपज बड़े बाजारों तक पहुंचाने, कारोबारियों को परिवहन सुविधा मिलने और पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने का लाभ मिल सकता है।
कुल मिलाकर, करीब 330 किलोमीटर लंबा विंध्य एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के विंध्य क्षेत्र के लिए एक बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है। गंगा एक्सप्रेसवे और अन्य प्रमुख सड़क परियोजनाओं से जुड़कर यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश को मध्य भारत और देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण सड़क नेटवर्क का हिस्सा बन सकता है।