Meerut-Panipat railway line: डेढ़ दशक बाद मेरठ-पानीपत रेलवे लाइन की जगी उम्मीद, रेल मंत्री ने किया बड़ा ऐलान!

Meerut-Panipat railway line: डेढ़ दशक बाद मेरठ-पानीपत रेल लाइन पर जगी नई आस, जांच के बाद होगी कार्रवाई

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Meerut-Panipat railway line: नई दिल्ली/बागपत। करीब डेढ़ दशक से घोषणा और आश्वासन के बीच अटकी मेरठ-पानीपत नई रेलवे लाइन परियोजना को लेकर एक बार फिर उम्मीद जगी है। बागपत सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान की मांग पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने परियोजना से जुड़े विषय की जांच कराने का आश्वासन दिया है। रेल मंत्री के सकारात्मक जवाब के बाद बागपत समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के लोगों में इस महत्वपूर्ण रेल परियोजना के धरातल पर उतरने की उम्मीद बढ़ गई है।

सांसद ने रेल मंत्री के सामने उठाया था मुद्दा | Meerut-Panipat railway line

बागपत सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने पांच अगस्त को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर पानीपत-मेरठ नई रेलवे लाइन परियोजना को स्वीकृति देने की मांग उठाई थी। इसके जवाब में रेल मंत्री ने सांसद को भेजे पत्र में कहा कि उनके द्वारा उठाए गए विषय की जांच कराई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी।

रेल मंत्री के इस जवाब को क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। लंबे समय से इस रेल लाइन की मांग कर रहे लोगों को उम्मीद है कि इस बार परियोजना को लेकर आगे ठोस कदम उठाया जा सकता है।

हरियाणा और पश्चिमी यूपी को मिलेगा सीधा रेल संपर्क

यदि मेरठ-पानीपत रेलवे लाइन का निर्माण होता है तो हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित होगा। इससे बागपत और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन आसान होने के साथ-साथ कृषि एवं औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। नई रेल लाइन बनने से लाखों विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों, श्रमिकों और उद्योगों से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है। यात्रियों को कम दूरी में अपेक्षाकृत सस्ता, तेज और सुविधाजनक रेल परिवहन उपलब्ध होगा। इसके अलावा माल परिवहन आसान होने से व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

रोजगार और निवेश के नए अवसर

रेल परियोजना के धरातल पर आने से क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के विकास के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। रेलवे से जुड़े निर्माण कार्यों के अलावा आसपास के क्षेत्रों में कारोबार, उद्योग और निवेश को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह परियोजना केवल परिवहन सुविधा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को भी नई दिशा दे सकती है।

डेढ़ दशक से उठ रही है मांग

मेरठ-पानीपत रेल लाइन की मांग पिछले करीब डेढ़ दशक से लगातार उठती रही है। इस दौरान कई बार परियोजना को लेकर घोषणाएं और आश्वासन सामने आए, लेकिन परियोजना धरातल पर नहीं उतर सकी। अब रेल मंत्री की ओर से जांच और उसके बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने से क्षेत्रवासियों की उम्मीदें फिर बढ़ गई हैं।

असारा रेलवे हाल्ट के पुनर्विकास की भी उम्मीद

मेरठ-पानीपत रेलवे लाइन के अलावा रेल मंत्री ने दिल्ली-सहारनपुर वाया बागपत-शामली रेल मार्ग पर असारा गांव स्थित रेलवे हाल्ट के पुनर्विकास को लेकर भी सकारात्मक जवाब दिया है। सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने असारा रेलवे हाल्ट के पुनर्विकास के साथ लूप लाइन निर्माण की मांग उठाई थी। रेल मंत्री ने इस विषय की भी जांच कराने और जांच के बाद उपयुक्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। इससे क्षेत्र के लोगों को स्थानीय रेल सुविधाओं में सुधार की उम्मीद जगी है। कुल मिलाकर, मेरठ-पानीपत रेलवे लाइन को लेकर रेल मंत्री का ताजा जवाब क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब लोगों की नजर जांच के परिणाम और परियोजना को लेकर होने वाली आगामी कार्रवाई पर है।

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