Exam Cancelled: नियुक्ति परीक्षाएं रद्द करने के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे अभ्यर्थी
हाईकोर्ट में 4 याचिकाओं पर आज सुनवाई
रांची। झारखंड में विभिन्न नियुक्ति परीक्षाओं को रद्द करने के सरकार के फैसले के खिलाफ चयनित अभ्यर्थियों ने कानूनी मोर्चा खोल दिया है। अब तक चार याचिकाएं हाईकोर्ट में दाखिल की जा चुकी हैं। इन मामलों पर गुरुवार को दोपहर तीन बजे के बाद सुनवाई प्रस्तावित है। इन याचिकाओं में 11वीं से 13वीं जेपीएससी संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, जेएसएससी-सीजीएल और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा सहित अन्य नियुक्तियों से जुड़े चयनित अभ्यर्थियों ने सरकार के निर्णय पर सवाल उठाए हैं। याचिकाएं अवधेश कुमार, दीपमाला, सोनम कुमारी और सौरभ सिंह समेत अन्य सफल उम्मीदवारों की ओर से दाखिल की गई हैं। Exam Cancelled
चयनित अभ्यर्थियों ने क्या कहा?
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सरकार ने परीक्षाओं और उनसे जुड़ी नियुक्तियों को रद्द करने से पहले प्रभावित अभ्यर्थियों को अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया। उनका तर्क है कि बड़ी संख्या में उम्मीदवार चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद सरकारी विभागों में योगदान भी कर चुके हैं। ऐसे में परीक्षा रद्द होने का सीधा असर उनकी नौकरी और भविष्य पर पड़ रहा है। Exam Cancelled
अभ्यर्थियों ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का भी हवाला दिया है। उनका कहना है कि यदि जांच के दौरान किसी विशेष उम्मीदवार की भूमिका संदिग्ध या दोषपूर्ण पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। लेकिन बिना व्यक्तिगत जांच और सुनवाई के सभी चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति समाप्त करना उचित नहीं माना जा सकता।
याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा है कि उन्होंने निर्धारित नियमों के अनुसार परीक्षा में भाग लिया, मेरिट सूची में स्थान प्राप्त किया और इसके बाद नियुक्ति हासिल की। इसलिए पूरी परीक्षा को एक साथ निरस्त करने के फैसले की कानूनी वैधता पर भी सवाल उठाया गया है।जेएसएससी-सीजीएल से जुड़े कुछ अभ्यर्थियों की ओर से अदालत में यह दलील दी गई है कि परीक्षा का परिणाम हाईकोर्ट के पहले दिए गए आदेशों के बाद घोषित किया गया था। ऐसे में बाद में पूरी परीक्षा को रद्द करने के निर्णय को लेकर न्यायिक समीक्षा की मांग की गई है।
सरकार ने क्यों रद्द की परीक्षाएं?
दरअसल, झारखंड सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और गड़बड़ियों से संबंधित जांच रिपोर्टों के आधार पर कई परीक्षाओं को निरस्त करने का फैसला किया है। इन मामलों में सीआईडी और एसआईटी की जांच में सामने आए तथ्यों को भी आधार बनाया गया है।
रद्द की गई परीक्षाओं में जेपीएससी की 11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा और जेएसएससी-सीजीएल के अलावा सिविल जज, डिप्टी कलेक्टर, फूड सेफ्टी ऑफिसर, ड्रग इंस्पेक्टर, असिस्टेंट प्रोफेसर, लेक्चरर, असिस्टेंट इंजीनियर, वन क्षेत्राधिकारी और सहायक वन संरक्षक जैसे पदों से संबंधित भर्ती परीक्षाएं शामिल हैं। अब अभ्यर्थियों की याचिकाओं पर हाईकोर्ट की सुनवाई से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि सरकार के परीक्षा निरस्तीकरण के फैसले पर न्यायिक हस्तक्षेप की गुंजाइश बनती है या नहीं। फिलहाल चयनित उम्मीदवारों की नजर अदालत की कार्यवाही पर टिकी हुई है। Exam Cancelled