Kedarnath Yatra: केदारनाथ यात्रा को लेकर डीएम ने दिए बड़े निर्देश, भीड़ नियंत्रण के लिए नई एसओपी
अगले चरण की तैयारी तेज
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड में केदारनाथ धाम की यात्रा के अगले चरण को लेकर रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सितंबर में मौसम अनुकूल होने के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने यात्रा मार्ग, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना शुरू कर दिया है।जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने अधिकारियों के साथ बैठक कर यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा की और वर्षाकाल के दौरान हुए नुकसान को जल्द से जल्द ठीक कराने के निर्देश दिए। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि यात्रियों की संख्या बढ़ने से पहले यात्रा मार्ग और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त कर ली जाएं। Kedarnath Yatra
बारिश के दौरान यात्रा मार्ग और अन्य सुविधाओं को हुए नुकसान का आकलन कर उनकी प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत कराई जा रही है। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं, ताकि यात्रा के अगले चरण में श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रशासन के मुताबिक सितंबर में बारिश की गतिविधियां कम होने के बाद केदारनाथ धाम की ओर यात्रियों का रुख बढ़ सकता है। इसी संभावना को ध्यान में रखते हुए विभागों को पहले से आवश्यक संसाधनों और कर्मचारियों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
भीड़ नियंत्रण के लिए नई SOP | Kedarnath Yatra
केदारनाथ में बढ़ती भीड़ को व्यवस्थित तरीके से संभालने के लिए प्रशासन ने एक नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का मसौदा तैयार किया है। इसमें दर्शन व्यवस्था के साथ-साथ हेली रेस्क्यू और हेली ऑपरेशन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रावधानों को भी शामिल किया गया है।
प्रस्तावित SOP को संबंधित स्तर पर परामर्श और अंतिम रूप देने के लिए भेजा गया है। इसके बाद विभिन्न हितधारकों से सुझाव लिए जाएंगे। आवश्यक बदलाव करने के बाद इसे लागू किया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि आगामी यात्रा शुरू होने से पहले SOP को अंतिम रूप मिल जाए, ताकि श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर भी व्यवस्थाओं को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सके।
यात्रा मार्ग पर व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए लागू सेक्टर ऑफिसर प्रणाली की भी लगातार समीक्षा की जा रही है। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त अधिकारियों की तैनाती की जाएगी, ताकि संवेदनशील स्थानों और अधिक भीड़ वाले क्षेत्रों में प्रशासनिक निगरानी मजबूत बनी रहे।जिलाधिकारी ने कहा कि पिछली यात्रा के दौरान सामने आई चुनौतियों और अनुभवों को आगामी व्यवस्थाओं में शामिल किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य है कि केदारनाथ आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा अनुभव मिल सके। Kedarnath Yatra