NEET PG Exam Cancelled: नीट यूजी परीक्षा के बाद अब नीट पीजी परीक्षा का पेपर रद्द
हुआ हंगामा, 5 सितंबर को दोबारा एग्जाम
NEET PG Exam Cancelled: जयपुर (डॉ. संदीप सिंहमार)। देशभर में नीट यूजी परीक्षा पेपर लीक होने के मामले की आग अभी ढंग से थमी भी नहीं थी कि रविवार को जयपुर में नीट पीजी-2026 परीक्षा के दौरान हंगामा हो गया। परीक्षा सम्पन्न होने के बाद कैंडिडेट्स जे हंगामे को भांपते हुए जयपुर के सीतापुरा के आई ओ एन डिजिटल जोन सेंटर की परीक्षा रद्द कर दी गई।
अब यह परीक्षा 5 सितंबर को दोबारा आयोजित करवाई जाएगी। प्रदर्शन व नारेबाजी के दौरान कैंडिडेट्स ने आरोप लगाया कि परीक्षा शुरू होते ही कंप्यूटर बार-बार बंद होते रहे, जिससे उनकी परीक्षा प्रभावित हुई। आरोप है कि दो घंटे में 10 बार तक एग्जाम बाधित हुआ। इस बीच कैंडिडेट्स ने पेपर लीक की भी आशंका जताई है। जैसे ही परीक्षा का समय समाप्त हुआ तो कैंडिडेट्स ने मिलकर परीक्षा केंद्र पर ही जमकर बवाल काटा। कैंडिडेट्स के हंगामा को देखते हुए इस केंद्र की परीक्षा को रद्द करना पड़ा।
एक घण्टा देरी से एग्जाम शुरू होने का आरोप
परीक्षा केंद्र के बाहर प्रदर्शन करने वाले कैंडिडेट्स का आरोप है कि परीक्षा सुबह 9 बजे शुरू होनी थी पर करीब 10 बजे परीक्षा शुरू हो पाई। इतना ही नहीं इस दौरान बार-बार कम्प्यूटर बंद होते रहे। आरोप है कि जब कम्प्यूटर दोबारा स्टार्ट किया गया तो पूरा पेपर ही स्क्रीन पर दिखाई नहीं दिया बल्कि महज 3-4 प्रश्न ही दिखाई दे रहे थे। कैंडिडेट्स का आरोप है कि सेंटर के स्टॉफ ने तकनीकी खराबी का कोई कारण नहीं बताया। इसलिए पेपर लीक होने की संभावना से नकारा नहीं जा सकता। एडिशनल डीसीपी साउथ किशोर शर्मा ने इस मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि परीक्षा के दौरान काफी कैंडिडेट्स के कंप्यूटर ओपन हुए। काफी का नहीं हो पाया। इस दौरान कैंडिडेट्स को काफी परेशानी हुई। हमने परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी तक बच्चों की बात पहुंचा दी है।
नीट के मामले में प्रधान की जा चुकी कुर्सी
ज्ञात रहे कि पेपरलीक के आरोपों के कारण 3 मई को हुई नीट यूजी- 2026 की परीक्षा रद्द हो गई थी। इसके बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 21 जून को दोबारा परीक्षा कराई थी। पेपरलीक के तार जयपुर सहित राजस्थान के कई शहरों से जुड़े थे। इसमें राजस्थान से गिरफ्तारियां भी हुई थीं। इसी मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के आह्वान पर दिल्ली के जंतर मंतर पर 36 दिनों तक नीट के छात्रों का आंदोलन चला था। उसे वक्त छात्रों के हंगामे को बढ़ते देख देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को भी इस्तीफा देना पड़ा था। वहीं संसद के लोकसभा सत्र के दौरान नीट पेपर लीक के मामले पर विपक्ष सरकार पर हावी नजर आया था।