Himachal Earthquake: सुबह-सुबह दहशत से घिरे हिमाचल के लोग
हिमाचल में भूकंप के झटकों से हिली धरती, शिमला में 4 तीव्रता का कंपन
शिमला (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता के बीच बुधवार तड़के और सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। राजधानी शिमला में सुबह 5:46 बजे धरती कांपने से लोगों में कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.0 दर्ज की गई। राहत की बात यह रही कि किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली। Himachal Earthquake
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, भूकंप का केंद्र शिमला क्षेत्र में 31.387 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 77.787 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। भूकंप का केंद्र जमीन की सतह से करीब 10 किलोमीटर की गहराई में दर्ज किया गया। झटके कुछ सेकंड तक महसूस किए गए। इससे पहले बुधवार तड़के चंबा जिले में भी भूकंप के हल्के झटके आए। सुबह करीब 4:38 बजे महसूस हुए इस भूकंप की तीव्रता 2.5 रही। राज्य आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, दोनों जिलों और आसपास के इलाकों से किसी नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील है हिमाचल | Himachal Earthquake
हिमाचल प्रदेश हिमालयी क्षेत्र में स्थित होने के कारण भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील राज्यों में गिना जाता है। पुराने भूकंपीय मानकों के अनुसार राज्य के विभिन्न क्षेत्र जोन-4 और जोन-5 के दायरे में आते हैं। कुछ समय पहले नए भूकंपीय मानचित्र में हिमालयी क्षेत्रों के लिए जोन-6 का प्रस्ताव सामने आया था, लेकिन बाद में केंद्र सरकार ने उस नए मानक को वापस लेते हुए पुराने सिस्मिक मानकों को ही बहाल कर दिया।
हिमाचल के इतिहास में वर्ष 1905 का कांगड़ा भूकंप सबसे विनाशकारी प्राकृतिक आपदाओं में शामिल रहा है। उस त्रासदी में कांगड़ा और चंबा समेत कई क्षेत्रों में भारी तबाही हुई थी और बड़ी संख्या में लोगों की जान गई थी। लगातार महसूस होने वाले हल्के भूकंप के झटकों ने लोगों की चिंता बढ़ाई है। Himachal Earthquake
31 अगस्त तक सक्रिय रह सकता है मानसून
उधर, हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 25 से 31 अगस्त के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है। हालांकि फिलहाल भारी बारिश को लेकर कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, मानसून सीजन में 30 जून से अब तक बारिश और इससे जुड़ी घटनाओं में प्रदेश में 237 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 387 लोग घायल हुए हैं। सड़क दुर्घटनाओं में 139 लोगों की जान गई। इसके अलावा भूस्खलन, पानी में बहने और पहाड़ी या पेड़ से गिरने जैसी घटनाओं में भी कई लोगों की मौत हुई है।
बारिश और प्राकृतिक आपदाओं ने प्रदेश में बड़े पैमाने पर संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया है। अब तक 94 मकान, 17 दुकानें और 359 पशुशालाएं पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जबकि 408 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। मानसून से अब तक करीब 1,149 करोड़ रुपये की संपत्ति प्रभावित होने का अनुमान है। लोक निर्माण विभाग को ही लगभग 864 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। लगातार बारिश, भूस्खलन और भूकंप की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। Himachal Earthquake