Sanitation Workers' Strike: शहर के मुख्य मार्गों और निगम कार्यालय के बाहर कचरे के ढेर लगाकर जताया रोष 

चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुकी सफाई कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल 

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अंबाला (सच कहूँ न्यूज)। Ambala News: जब व्यवस्था और वादों के बीच का तालमेल बिगड़ता है, तो उसका खामियाजा शहर की सड़कों और वहां रहने वाले आम नागरिकों को भुगतना पड़ता है। 6 अगस्त से जारी नगर निगम सफाई कर्मचारियों की राज्यव्यापी हड़ताल अब चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुकी है। लेकिन सोमवार को यह विरोध केवल धरने तक सीमित न रहकर सीधे टकराव के मोड़ पर आ खड़ा हुआ। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने अंबाला शहर के मुख्य मार्गों और नगर निगम कार्यालय के बाहर कचरे के ढेर लगाकर अपना रोष जताया, जिससे पूरा शहर कचरे के टापू में बदलता नजर आया।

इस पूरे संकट के केंद्र में वे बुनियादी समस्याएं हैं, जिन्हें लेकर कर्मचारी और प्रशासन आमने-सामने हैं। कर्मचारी संगठनों का साफ कहना है कि 13 मई को सरकार के साथ हुई वार्ता में कच्चे कर्मचारियों के नियमितीकरण, ठेका प्रथा की समाप्ति, समान काम के बदले समान वेतन और ईएसआई-ईपीएफ जैसी मुख्य मांगों पर सहमति बनी थी। लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी लिखित आदेश जारी न होना वादों पर सवाल खड़े करता है।

2 सितंबर तक बढ़ाई हड़ताल: सूरा

रोहतक की राज्यस्तरीय बैठक के बाद हड़ताल को 2 सितंबर तक बढ़ा दिया गया है, साथ ही 31 अगस्त को मशाल जुलूस और आगे अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी दी गई है। इस गतिरोध के बीच शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। नगर निगम के डीएमसी दीपक सूरा ने स्वीकार किया कि 450 में से केवल 100 कर्मचारी ही काम पर हैं। वहीं निगम प्रशासन ने आरोप लगाया है कि हड़ताली कर्मचारियों ने कचरा उठाने वाली गाड़ियों को रोका और जबरन सड़कों पर कचरा फैलाया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कचरा उठान बाधित करने वाले 48 कर्मचारियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज की जाएगी।

Ambala News
Ambala News: सड़कों पर कचरा फैलाकर रोष व्यक्त करते सफाई कर्मी।

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