करनाल में हर्ष के एनकाउंटर से खफा रोड़ समाज ने किया विरोध प्रदर्शन
डीसी ने लिया मांग पत्र, सीबीआई से जांच की मांग
करनाल (सच कहूँ न्यूज़)। Karnal News: करनाल में हर्ष के एनकाउंटर से खफा रोड़ समाज सोमवार को फिर सडक़ों पर उतरा। करीब दो किलोमीटर लंबा रोष मार्च निकाला गया, उसके बाद करीब 3 घंटे तक रोड़ धर्मशाला से लेकर लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया गया। रोड़ समाज करनाल से भाजपा विधायक के इस्तीफे और माफी मंगवाने की मांग पर अड़ा रहा। प्रदर्शन का नेतृत्व अखिल भारतीय रोड़ महासभा के प्रधान बलकार सिंह ने किया। बलकार सिंह ने कहा कि 29 तारीख तक इंतजार करेंगे, यदि मांगें नहीं मानी तो 30 अगस्त को करनाल में सीएम के प्रोग्राम में प्रदर्शन करेंगे।
बलकार सिंह ने बताया कि समाज की ओर से सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी गई हैं। पहली ये कि विधायक माफी मांगें और इस्तीफा दें, दूसरी-डबल एनकाउंटर की सीबीआई से जांच करवाई जाएं। तीसरी-कथित फेक एनकाउंटर में शामिल पुलिस अधिकारियों, कर्मियों पर एक्शन हो। आपको बता दें कि बीरू वाल्मीकि की 5 अगस्त को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। 6 अगस्त को प्रदर्शन कर रहे बीरू के परिजनों के सामने विधायक ने शाम तक रिजल्ट देने की बात कही। उसी शाम को रोड़ समाज के युवक हर्ष और बीरबल को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। जिससे रोड समाज के लोगों में भारी रोष देखने को मिल रहा था। सोमवार को सुबह से ही रोड़ धर्मशाला में समाज के लोगों का पहुंचना शुरू हो गया। बड़ी संख्या में युवा और समाज के अन्य लोग यहां एकत्रित हुए।
प्रदर्शन शुरू होने से पहले प्रधान बलकार सिंह ने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान आम लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके बाद समाज के लोग रोड़ धर्मशाला से जिला सचिवालय की ओर रवाना हुए। करीब 2 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद प्रदर्शनकारी जिला सचिवालय के नजदीक पहुंचे। प्रदर्शन के बाद जिला सचिवालय के बाहर डीसी आनंद कुमार मौके पर पहुंचे। समाज के प्रतिनिधियों ने डीसी को ज्ञापन सौंपा, जिसे राज्यपाल के नाम भेजा गया है। उन्होंने कहा कि ज्ञापन में समाज की तीन मुख्य मांगें रखी गई हैं। सरकार से जल्द इन मांगों पर कार्रवाई करने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर जल्द कोई फैसला नहीं हुआ तो समाज की बनाई गई कमेटी बैठक करेगी और आगामी आंदोलन की रणनीति तय करेगी।
बलकार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पहले समाज से 16 अगस्त तक का समय मांगा था और आश्वासन दिया था कि उनकी तीनों मांगों पर विचार किया जाएगा। उनके अनुसार, निर्धारित समय बीतने के बाद भी सरकार की ओर से मांगों को लेकर कोई ठोस संदेश या निर्णय सामने नहीं आया। उन्होंने कहा कि समाज यह नहीं कहता कि हर्ष किसी तरह की गलती में शामिल नहीं था। यदि उसके खिलाफ कोई मामला था तो उसे गिरफ्तार कर न्यायपालिका के सामने पेश किया जाना चाहिए था। अदालत मामले की सुनवाई करती और जो फैसला देती, वह समाज को भी स्वीकार होता। बलकार सिंह ने कहा कि एनकाउंटर वास्तव में फेक था या नहीं, यह निष्पक्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। उनका आरोप है कि यदि कानून व्यवस्था में इस तरह की घटनाओं को बढ़ावा मिला तो लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा प्रभावित हो सकता है।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए पर्याप्त बल तैनात किया। सेक्टर-12 से आने वाले वाहनों को सेक्टर-13 की तरफ डायवर्ट किया गया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन के दौरान स्थिति पर नजर बनाए रखी। ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदर्शनकारी वापस लौट गए। फिलहाल समाज ने अपना ज्ञापन सरकार तक पहुंचा दिया है। अब आगे की कार्रवाई सरकार के रुख पर निर्भर करेगी। मांगें पूरी नहीं होने पर कमेटी की बैठक में अगले आंदोलन को लेकर फैसला लिया जाएगा।
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