ग्रामीण की हत्या में पिता-पुत्रों समेत चार को आजीवन कारावास, 1.20 लाख जुर्माना

दोषियों में शामिल तीन पिता-पुत्रों को 21 दिन पूर्व हत्या के एक अन्य मामले में भी आजीवन कारावास की सजा सुना चुकी है कैराना कोर्ट

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कैराना (सच कहूँ/संदीप इन्सां)। Kairana News: ग्रामीण की बलकटी व फावड़े से काटकर निर्मम हत्या करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय) ऋतु नागर ने दो सगे भाइयों व उनके पिता समेत चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 1.20 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोषियों में शामिल तीन पिता-पुत्रों को एडीजे कोर्ट 21 दिन पूर्व हत्या के एक अन्य मामले में भी आजीवन कारावास की सजा सुना चुकी है। घटना के बाद से ही तीनों हत्यारोपी जिला कारागार मुजफ्फरनगर में बंद है।

जिला शासकीय अधिवक्ता(क्राइम) संजय चौहान व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक पुण्डीर ने बताया कि विगत 03 जनवरी 2022 को शाम करीब साढ़े पांच बजे कोतवाली सदर क्षेत्र के लांक निवासी पालेराम को गांव का ही विवेक उर्फ केकड़ा यह कहकर अपने साथ के गया था कि घर पर कुछ बात करनी है। देर शाम करीब पौने आठ बजे तक भी पालेराम घर वापिस नही लौटा, जिस पर उसका पुत्र संदीप विवेक उर्फ केकड़ा के घर गया और अपने पिता के बाबत पूछा। इस पर विवेक उर्फ केकड़ा ने कहा कि हमने तेरे पिता की बलकटी और फावड़े से काटकर हत्या कर दी है और उसके शव को बोरे में भरकर ईंख के खेत में फेंक दिया है। मामले की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतक पालेराम के शव को बरामद करके पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। मृतक के पुत्र संदीप की ओर से शामली कोतवाली पर घटना का मुकदमा दर्ज कराया गया था।

पुलिस ने हत्याकांड में शामिल विवेक उर्फ केकड़ा, उसके भाई विशांत, पिता कृष्णपाल व एक अन्य आरोपी अमित को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। विवेचक ने मामले की जांच करके आरोप-पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। यह मामला कैराना स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश(एफटीसी) ऋतु नागर की अदालत में विचाराधीन था। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 08 गवाह कोर्ट में पेश किये गए। सोमवार को न्यायाधीश ऋतु नागर ने दोनों पक्षों के वरिष्ठ अधिवक्ताओं के तर्क-वितर्क सुनने एवं पत्रावलियों के गहन अवलोकन के पश्चात आरोपी विवेक उर्फ केकड़ा, विशांत, कृष्णपाल व अमित को पालेराम की हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व कुल 1.20 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट ने जुर्माने की 90 फीसदी राशि मृतक की पत्नी को देने के आदेश दिए है। घटना के बाद से ही चारों हत्यारोपी जिला कारागार मुजफ्फरनगर में बंद है।

पालेराम का शव छुपाते हुए देखने पर की थी विनोद की हत्या

आरोपियों को पालेराम का शव ईंख के खेत में छिपाते हुए गांव के ही विनोद ने देख लिया था। इस पर विवेक उर्फ केकड़ा, उसके भाई विशांत और पिता कृष्णपाल ने 03 जनवरी 2022 की देर शाम करीब सवा आठ बजे विनोद की गांव में ही बलकटी से काटकर व गोलियां बरसाकर निर्मम हत्या कर दी थी। घटना के वक्त विनोद अपने पुत्र लोमेश के साथ में घेर से घर के लिए जा रहा था। घटना का मुकदमा मृतक विनोद के भाई यशपाल की ओर से अगले दिन सदर कोतवाली पर दर्ज कराया गया था। इस मामले में विगत 03 अगस्त को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश(एफटीसी) ऋतु नागर ने तीनों पिता-पुत्रों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।

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