Barabanki Flood News: बाराबंकी में घाघरा का कहर! मकानों पर मंडराया खतरा; ग्रामीण घर तोड़कर ईंटें बचाने में लगे

बाराबंकी में सरयू का कटान बढ़ा, खेत जलमग्न

Published On

बाराबंकी (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में सरयू नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बीच किनारों पर कटान तेज हो गया है। रामनगर तहसील के तराई क्षेत्र में नदी की धार अब खेतों से आगे बढ़कर आबादी वाले हिस्सों के करीब पहुंच गई है। सूरतगंज विकासखंड के हेतमापुर से केदारीपुर के बीच ग्रामीणों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। Barabanki Flood News

लगातार हो रहे कटाव से बड़ी मात्रा में कृषि भूमि और फसलें नदी की धारा में समा चुकी हैं। स्थिति बिगड़ने के बाद अब कई परिवारों को अपने पक्के मकानों की चिंता सताने लगी है। कुछ ग्रामीण घरों को स्वयं तोड़कर ईंट, दरवाजे और अन्य उपयोगी सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं।

खेत बचाने की उम्मीद टूटी, समय से पहले काट रहे फसल

कटान की चपेट में आने वाले खेतों में खड़ी फसल को लेकर भी ग्रामीण परेशान हैं। कई किसानों ने फसल पूरी तरह पकने का इंतजार करने के बजाय उसे समय से पहले काटना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि नदी का कटाव इसी गति से जारी रहा तो तैयार होने से पहले ही पूरी फसल पानी में चली जाएगी। ऐसे में बची हुई फसल को पशुओं के चारे के रूप में इस्तेमाल करना ही बेहतर विकल्प है।

केदारीपुर के ग्रामीण मोनू कुमार शुक्ला ने बताया कि धान की खेती में काफी खर्च किया गया था, लेकिन नदी का कटाव लगातार खेत की ओर बढ़ रहा है। परिवार के कई सदस्य अब फसल और मकान दोनों को बचाने की कोशिश में जुटे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कटान रोकने के लिए किए जा रहे इंतजाम फिलहाल पर्याप्त नजर नहीं आ रहे हैं। Barabanki Flood News

घर तोड़ने के बाद भी सामने रहने का संकट

ग्रामीणों की परेशानी केवल जमीन और फसल तक सीमित नहीं है। कटान बढ़ने के कारण जिन परिवारों के मकानों पर खतरा है, वे अपना आशियाना खुद ही तोड़कर सामान निकाल रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों की मेहनत से बनाए पक्के घरों को अपनी आंखों के सामने तोड़ना बेहद मुश्किल है।

मीरू शुक्ला के मुताबिक, घर से सामान निकालने के बाद सबसे बड़ी समस्या यह है कि परिवार को सुरक्षित रूप से बसाया कहां जाए। प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई जमीन नाले के किनारे होने के कारण वहां परिवार के रहने को लेकर भी चिंता बनी हुई है। बारिश के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो गई है।

प्रशासन ने अधिकारियों को दिए निर्देश

अपर जिलाधिकारी निरंकार सिंह के अनुसार, नदी के जलस्तर में लगातार बदलाव होने पर कुछ क्षेत्रों में कटान की स्थिति बनती है। रामनगर और रामसनेहीघाट तहसील के कई इलाके बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील हैं। उन्होंने बताया कि नदी का जलस्तर खतरे के निशान के आसपास बना हुआ है। हेतमापुर के आसपास आबादी के नजदीक बढ़ रहे कटान को देखते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

पिछले दिनों सरयू (घाघरा) नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया था। 1 सितंबर की स्थिति में एल्गिन ब्रिज के पास नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। विभिन्न बैराजों से छोड़े गए पानी का असर भी नदी के प्रवाह पर पड़ा। जलस्तर में लगातार बदलाव के साथ कई स्थानों पर कटान तेज होने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। Barabanki Flood News

About The Author

Related Posts