‘खेडां वतन पंजाब दियां’ का चौथा सीजन पांच सितंबर से, 10 लाख खिलाड़ी लेंगे भाग: सीएम

16 जिलों में आयोजित होगी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं, खेलों का समापन पटियाला में 29 नवंबर को

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चंडीगढ़। Chandigarh News: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को ‘खेड़ां वतन पंजाब दियां-2026’ की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को खेल महाकुंभ के सुचारु और पुख्ता आयोजन के निर्देश दिए। चौथे सीजन का शुभारंभ पांच सितंबर को बठिंडा के शहीद भगत सिंह स्टेडियम में होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष करीब 10 लाख खिलाड़ी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेंगे। राज्य के सभी 153 ब्लॉकों और 23 जिलों में विभिन्न स्तरों पर मुकाबले होंगे। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं 16 जिलों में आयोजित की जाएंगी और खेलों का समापन 29 नवंबर को पटियाला में होगा।

सीएम मान ने कहा कि इस बार 38 खेलों और चार पैरा-स्पोर्ट्स को प्रतियोगिता में शामिल किया गया है। पैरा-स्पोर्ट्स में एथलेटिक्स, पावरलिफ्टिंग, बैडमिंटन और व्हीलचेयर बास्केटबॉल शामिल हैं। खिलाड़ियों की भागीदारी के लिए 14 वर्ष से लेकर 70 वर्ष से अधिक आयु तक के 9 आयु वर्ग बनाए गए हैं। उन्होंने कहा कि ‘खेड़ां वतन पंजाब दियां’ गांवों, कस्बों और शहरों में छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच है। पिछले आयोजनों में एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों-दादा, पिता और पोते-ने भी प्रतियोगिताओं में भाग लिया था।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पहली बार खिलाड़ियों के लिए क्यूआर कोड आधारित आॅनलाइन पंजीकरण की सुविधा शुरु की गई है। पंजीकरण पूरी तरह नि:शुल्क है और खिलाड़ी पंजाब स्पोर्ट्स पोर्टल के माध्यम से कहीं से भी अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय पदक विजेताओं को आकर्षक नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। स्वर्ण पदक विजेता को 10 हजार रुपए, रजत पदक विजेता को 7 हजार रुपए और कांस्य पदक विजेता को पांच हजार रुपए दिए जाएंगे। उन्होंने पंजाब के युवाओं और खेल प्रेमियों से बड़ी संख्या में प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अपील की। बैठक में मुख्य सचिव केएपी सिन्हा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. रवि भगत, खेल सचिव वरुण रुजम, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के विशेष सचिव पुनीत गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

पराली जलाने पर रोक के लिए बड़े पैमाने पर जागरुकता अभियान चलाएं : सीएम मान

 मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य में धान की पराली जलाने की घटनाओं पर और प्रभावी ढंग से रोक लगाने के लिए गांव और ब्लॉक स्तर पर व्यापक सूचना एवं जागरुकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के लगातार प्रयासों से 2023 से 2025 के बीच पराली जलाने की घटनाओं में 86 प्रतिशत की कमी आई है, लेकिन इस उपलब्धि को और आगे बढ़ाने की जरुरत है। धान की पराली प्रबंधन रणनीति की समीक्षा के लिए मंगलवार को आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष पंजाब में करीब 30  लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की खेती हुई है, जिससे लगभग 1.881 करोड़ टन पराली पैदा होने का अनुमान है।

सीएम मान ने कहा कि पराली जलाने की घटनाएं 2023 में 36,663 से घटकर 2024 में 10,909 और 2025 में 5,114 रह गई। उन्होंने अधिकारियों को इस वर्ष इन घटनाओं में और कमी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान और इसके वैकल्पिक प्रबंधन के बारे में जागरुक करने के लिए गांवों और ब्लॉकों में बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाना चाहिए। सीएम मान ने डिजिटल माध्यमों के जरिए भी बड़े स्तर पर जागरुकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने रेडियो जिंगल, प्रिंट मीडिया, टेलीविजन, मोबाइल एसएमएस, आउटडोर मीडिया और सोशल मीडिया का प्रभावी इस्तेमाल करने को कहा। सीएम मान ने एक्स-सीटू और इन-सीटू पराली प्रबंधन को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि किसानों को पराली जलाने के व्यावहारिक और टिकाऊ विकल्प उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है। 

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Chandigarh News: ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ का चौथा सीजन पांच सितंबर से, 10 लाख खिलाड़ी लेंगे भाग सीएम

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