BICON 2026: भारत-जापान सहयोग के साथ 21वें बियानी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस बायकॉन 2026 का शुभारंभ
20 से 23 सितंबर तक भारत और जापान के 20 से अधिक इंस्टीट्यूट्स के 32 से अधिक प्रोफेसर एवं प्रतिनिधि विद्यार्थियों को देंगे महत्वपूर्ण जानकारी
BICON 2026: जयपुर (सच कहूँ न्यूज़)। बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेस की ओर से 21वां बियानी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस (बायकॉन-2026) का आयोजन 20 से 23 सितंबर 2026 तक जयपुर में किया जाएगा। इस वर्ष कॉन्फ्रेंस की थीम “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस फॉर स्मार्ट एंड रेजिलिएंट सोसाइटीज” रखी गई है। चार दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत और जापान के शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स, इनोवेटर्स और रिसर्च स्कॉलर्स द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, मीडिया, कानून और सामाजिक विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य भारत-जापान शैक्षणिक एवं औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देना, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में रिसर्च एवं इनोवेशन को प्रोत्साहित करना तथा विद्यार्थियों और फैकल्टीज को ग्लोबल एक्सपोजर प्रदान करना है। सम्मेलन में एक्सपर्ट टॉक्स, रिसर्च प्रेजेंटेशन और इंटरैक्टिव सेशन के जरिए नॉलेज एक्सचेंज किया जाएगा।
साथ ही, बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेस और जापान के ओसाका कॉलेज ऑफ टूरिज्म एंड बिजनेस, के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस साझेदारी के माध्यम से विद्यार्थियों को क्रॉस-कल्चरल लर्निंग, एकेडमिक कोलैबोरेशन, स्किल डेवलपमेंट और इंटरनेशनल एक्सपोजर के नए अवसर मिलेंगे।
साथ ही, कॉन्फ्रेंस के ऑर्गेनाइजिंग चेयर एवं डायरेक्टर (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) प्रोफेसर डॉ. मनीष बियानी और कन्वीनर एवं असिस्टेंट डायरेक्टर (रिसर्च, डेवलपमेंट एंड ग्लोबल अफेयर्स) डॉ. राधिका बियानी डागा, के मार्गदर्शन में जापान की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज के 16 से अधिक प्रोफेसर एवं प्रतिनिधि बायकॉन-2026 में सहभागिता करेंगे। इनमें जापान एडवांस्ड इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (JAIST), जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइज़ेशन (JETRO), सायतामा यूनिवर्सिटी, कानाज़ावा यूनिवर्सिटी, इशिकावा प्रीफेक्चरल यूनिवर्सिटी, नाइतेई ब्रिज तथा ओसाका कॉलेज ऑफ टूरिज्म एंड बिजनेस प्रमुख रूप से शामिल हैं। वहीं भारत की ओर से आईआईटी दिल्ली, आईआईटी इंदौर, आईआईटी जोधपुर, आईआईटी कानपुर, सेंट्रल यूनिवर्सिटी हरियाणा, बीएचयू वाराणसी तथा जीएसएफसी गुजरात सहित विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के शिक्षाविद् एवं विशेषज्ञ सम्मेलन से जुड़ेंगे।
बियानी संस्थान पिछले दो दशकों से विशेष रूप से जापान के साथ अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा दे रहा है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों और फैकल्टी को एकेडमिक एक्सचेंज, रिसर्च कोलैबोरेशन और ग्लोबल एक्सपोजर के अवसर मिल रहे हैं। कॉन्फ्रेंस के पहले दिन “स्टडी इन जापान: एक्सप्लोरिंग हायर एजुकेशन एंड करियर ऑपर्च्युनिटीज” विषय पर विशेष सत्र का आयोजन तक्षशिला ऑडिटोरियम, माहेश्वरी पब्लिक स्कूल, जवाहर नगर, जयपुर में किया जाएगा। इस सत्र में विद्यार्थियों को जापान में हायर एजुकेशन, स्कॉलरशिप, एडमिशन एवं करियर अवसरों की जानकारी मिलेगी और वे जापानी यूनिवर्सिटी प्रतिनिधियों, एलुमनाई एवं इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स से संवाद कर सकेंगे।
कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन साइंस, नर्सिंग, फार्मेसी, नेचुरोपैथी एवं योगिक साइंसेज विभाग द्वारा “द फ्यूचर ऑफ इंटेलिजेंट हेल्थकेयर एंड साइंटिफिक इनोवेशन” विषय पर विशेषज्ञों द्वारा विचार-विमर्श किया जाएगा। यह सत्र उत्सव ऑडिटोरियम, बियानी गर्ल्स कॉलेज, विद्याधर नगर, जयपुर में आयोजित होगा। इस दौरान एआई आधारित हेल्थकेयर, लाइफ साइंसेज, टेलीमेडिसिन, स्मार्ट नर्सिंग, नैनोमेडिसिन, क्लाइमेट चेंज और हेल्थकेयर इनोवेशन पर चर्चा होगी।
कॉन्फ्रेंस के तीसरे दिन कॉमर्स, मैनेजमेंट एवं आईटी विभाग द्वारा “बिल्डिंग द एआई-पावर्ड इकोनॉमी: इनोवेशन, स्ट्रेटेजी एंड गवर्नेंस” विषय पर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें ग्लोबल एआई एडॉप्शन, डिजिटल इंक्लूजन, एक्सप्लेनेबल एआई, प्रेडिक्टिव मॉडलिंग, डिसीजन सपोर्ट, बिजनेस ऑप्टिमाइजेशन, स्ट्रेटेजिक डिसीजन-मेकिंग और डेटा प्राइवेसी पर चर्चा होगी।
कॉन्फ्रेंस के चौथे दिन ,दो सत्र आयोजित किए जाएंगे जिसमें प्रथम सत्र में सोशल साइंसेज एवं एजुकेशन विभाग द्वारा “इंटेलिजेंट सोसाइटीज: एआई ट्रांसफॉर्मिंग सोशल सिस्टम्स, ह्यूमन डेवलपमेंट एंड एजुकेशन” विषय पर चर्चा होगी। साथ ही द्वितीय सत्र में लॉ विभाग द्वारा “द फ्यूचर ऑफ लॉ एंड गवर्नेंस इन द एज ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” विषय पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
इस सत्र में एआई एवं समाज, संस्कृति, शिक्षा, एथिक्स, मीडिया-जर्नलिज्म, डिजिटल कम्युनिकेशन, एआई-ड्रिवन क्रिएटिविटी, सस्टेनेबल डेवलपमेंट तथा एआई एंड लॉ, डेटा प्राइवेसी, साइबर लॉ, डिजिटल एविडेंस, साइबर सिक्योरिटी और पॉलिसी डिजाइन जैसे विषयों पर विशेषज्ञ विचार रखेंगे। बायकॉन-2026 के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मानव विकास के बीच संतुलन, जिम्मेदार तकनीकी नवाचार तथा भारत-जापान के बीच भविष्य के शैक्षणिक एवं औद्योगिक सहयोग को नई दिशा देने का प्रयास किया जाएगा।