Nohar Election Results: नोहर में बराबरी का जनादेश, भाजपा-कांग्रेस बराबर

40 वार्डों के नतीजे घोषित, दोनों प्रमुख दलों ने बराबर सीटें जीतकर बनाया संतुलन

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नोहर (सच कहूँ न्यूज़)। नगरपालिका चुनाव के नतीजों ने शहर की सियासत में रोमांच बढ़ा दिया है। नोहर नगरपालिका के सभी 40 वार्डों के परिणाम घोषित हो गए हैं। चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला और आखिरकार दोनों दलों को 20-20 वार्डों में जीत मिली। मतदाताओं ने किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत देने के बजाय बराबरी का जनादेश देकर शहर की राजनीति में नया समीकरण बना दिया है। परिणाम सामने आने के साथ ही विजयी प्रत्याशियों के समर्थकों में उत्साह का माहौल नजर आया। वार्डवार परिणाम इस प्रकार रहे—
वार्ड 1 – गुरुसेवक सिंह, भाजपा
वार्ड 2 – सुन्दरलाल, कांग्रेस
वार्ड 3 – अमित तिवाड़ी, कांग्रेस
वार्ड 4 – अफसाना बानो, भाजपा
वार्ड 5 – सोनिया, कांग्रेस
वार्ड 6 – सुमन, कांग्रेस
वार्ड 7 – सुमैया, भाजपा
वार्ड 8 – मुहम्मद रियाज टाक, भाजपा
वार्ड 9 – कुसुम जोशी, कांग्रेस
वार्ड 10 – ओम प्रकाश सुथार, कांग्रेस
वार्ड 11 – अंकित, कांग्रेस
वार्ड 12 – रत्न लाल रेगर, भाजपा
वार्ड 13 – मुस्ताक, भाजपा
वार्ड 14 – संतोष, भाजपा
वार्ड 15 – जैनम, भाजपा
वार्ड 16 – सुनील कुमार, भाजपा
वार्ड 17 – अभिषेक बचवानी, भाजपा
वार्ड 18 – खातून टाक, भाजपा
वार्ड 19 – जगदीश सेवग, कांग्रेस
वार्ड 20 – सत्यबाला कंदोई, कांग्रेस
वार्ड 21 – श्रेया सिपाणी, कांग्रेस
वार्ड 22 – रविंद्र, कांग्रेस
वार्ड 23 – सुरेंद्र, भाजपा
वार्ड 24 – रूपराम, कांग्रेस
वार्ड 25 – रणजीत सिंह, कांग्रेस
वार्ड 26 – दीपक चंद, भाजपा
वार्ड 27 – महबूब आईतान, कांग्रेस
वार्ड 28 – हुसैन अली, भाजपा
वार्ड 29 – गंगाराम, भाजपा
वार्ड 30 – उदय सिंह भाटी, भाजपा
वार्ड 31 – जाफर अली, भाजपा
वार्ड 32 – सपना कौशिक, कांग्रेस
वार्ड 33 – सहनाज़/हसन, भाजपा
वार्ड 34 – शहनाज, कांग्रेस
वार्ड 35 – सुमित चाचाण, कांग्रेस
वार्ड 36 – रीटा, कांग्रेस
वार्ड 37 – सतार, कांग्रेस
वार्ड 38 – देवीलाल, भाजपा
वार्ड 39 – रमेश कुमार, कांग्रेस
वार्ड 40 – प्रियंका सहारण, भाजपा
बराबरी के आंकड़े ने बढ़ाई सियासी हलचल
नोहर नगरपालिका के चुनाव परिणाम में भाजपा और कांग्रेस के बीच 20-20 सीटों की बराबरी ने आगामी बोर्ड गठन को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। स्पष्ट बहुमत किसी भी दल के पक्ष में नहीं होने से अब बोर्ड गठन के लिए रणनीति और समीकरण महत्वपूर्ण होंगे। चुनाव परिणाम के बाद दोनों दलों के खेमों में बैठकों और आगे की रणनीति को लेकर गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

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