डॉ. बी.आर. अम्बेडकर  विश्वविद्यालय में “परिवर्तनकारी मोड़ पर विधि का शासन” विषय पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित

डॉ. बी.आर. अम्बेडकर  विश्वविद्यालय में “परिवर्तनकारी मोड़ पर विधि का शासन” विषय पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित

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सोनीपत (सच कहूँ/हेमंत कुमार)। Sonipat News: डॉ. बी.आर. अम्बेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, के लोक नीति एवं सुशासन केंद्र द्वारा “परिवर्तनकारी मोड़ पर विधि का शासनः लोक विधि, सुशासन एवं जवाबदेही पर पुनर्विचार” विषय पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के साथ-साथ विभिन्न शिक्षण संस्थानों के लगभग 50 विद्यार्थियों ने भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य विधि के शासन, संवैधानिक मूल्यों, सुशासन, जवाबदेही तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते प्रभाव से जुड़ी समकालीन चुनौतियों पर व्यापक एवं सार्थक विचार-विमर्श करना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। विश्वविद्यालय के  कुलपति प्रो. (डॉ.) देविन्द्र सिंह ने विद्यार्थियों को नवाचारपूर्ण एवं रचनात्मक ढंग से सोचने, पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर नए दृष्टिकोण विकसित करने तथा प्रेरणादायी व्यक्तित्वों के अनुभवों से सीखने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विधि के विद्यार्थियों को विधि के शासन की मूल भावना को समझने के साथ-साथ बदलती प्रौद्योगिकी और सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप अपने ज्ञान एवं कौशल का निरंतर विकास करना चाहिए।

हार्वर्ड विधि विद्यालय के व्याख्याता एवं केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के पूर्व सिक्योंग डॉ. लोबसांग सांगे भारतीय पारंपरिक वेशभूषा में कार्यक्रम में शामिल हुए, जिसे देखकर विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्होंने विद्यार्थियों के बीच जाकर उनसे संवाद किया और उनकी सक्रिय भागीदारी की सराहना की। अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं की भूमिका, नैतिक साहस एवं नेतृत्व के महत्व पर विचार रखे।

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