Property Fraud: पुश्तैनी मकान का फर्जी पट्टा बनवाकर बेचने का आरोप, भाई सहित दो के खिलाफ मामला

भिरानी थाना क्षेत्र के गांव डाबड़ी का मामला

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Property Fraud: हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज़)। भिरानी थाना क्षेत्र के गांव डाबड़ी में पुश्तैनी मकान के फर्जी पट्टे के आधार पर संपत्ति बेचने का मामला सामने आया है। डाबड़ी निवासी राकेश कुमार (39) पुत्र रामसिंह जाट ने अपने भाई राजकुमार तथा उसके साथी सुनील कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी एवं आपराधिक षड्यंत्र का आरोप लगाते हुए भिरानी थाने में रिपोर्ट दी है। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस को दी रिपोर्ट में राकेश कुमार ने बताया कि उसके दादा मुंशीराम पूनिया के समय का गांव डाबड़ी की आबादी में करीब 50 गुणा 85 फीट का पुश्तैनी मकान था। करीब 40 वर्ष पहले दादा ने अपने पुत्रों के बीच बंटवारा किया था, जिसमें मकान का पूर्वी हिस्सा 25 गुणा 85 फीट उसके पिता रामसिंह को मिला था।

रामसिंह की वर्ष 1994 में मृत्यु के बाद यह मकान उनकी पत्नी सुलोचना देवी तथा तीनों पुत्रों राकेश कुमार, राजकुमार और मुकेश के नाम विरासत में 1/4-1/4 हिस्से में आ गया। राकेश और उसका भाई मुकेश अपने परिवार सहित इसी मकान में रह रहे हैं। इसी मकान में दोनों भाइयों के विवाह भी हुए थे। मकान का बिजली कनेक्शन पहले मुंशीराम के नाम था और वर्तमान में मुकेश की पत्नी सुमन के नाम है। परिवार के वोटर कार्ड, राशन कार्ड और आधार कार्ड भी इसी पते पर बने हुए हैं।

राकेश ने बताया कि उसका बड़ा भाई राजकुमार अनुकंपा नियुक्ति के बाद पंचायत समिति में कर्मचारी है और वर्तमान में पंचायत समिति भादरा में कार्यरत है। वह पिछले कई वर्षांे से अपने परिवार के साथ नोहर में रह रहा है तथा डाबड़ी स्थित पुश्तैनी मकान में उसका अलग से भौतिक कब्जा नहीं है। राजकुमार ने ग्राम पंचायत डाबड़ी के तत्कालीन कर्मचारियों से मिलीभगत कर पूरे पैतृक एवं संयुक्त मकान का 5 जनवरी 2009 को अपने अकेले नाम से पट्टा जारी करवा लिया।

आरोप है कि यह पट्टा गलत एवं कूटरचित शपथ पत्र और दस्तावेजों के आधार पर बनवाया गया तथा इसे परिवार के अन्य सदस्यों से छिपाकर रखा गया। राकेश ने आरोप लगाया कि राजकुमार ने उक्त पट्टे का दुरुपयोग करते हुए 21 मई 2026 को सुनील कुमार पुत्र रणसिंह के पक्ष में विक्रय पत्र निष्पादित करवा दिया। विक्रय पत्र में राजकुमार ने खुद को संपत्ति का एकमात्र मालिक बताते हुए मौके का कब्जा भी क्रेता को सौंपने की घोषणा की, जबकि मकान में राकेश और मुकेश के परिवार वर्तमान में रह रहे हैं।

राकेश ने आरोप लगाया कि राजकुमार ने उसके मकान में हिस्से और अधिकार को हड़पने की नीयत से फर्जी पट्टा एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार करवाए और उन्हें असल के रूप में इस्तेमाल करते हुए सुनील कुमार के साथ मिलकर संपत्ति का बेचान दिखाया। भिरानी पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच सहायक उपनिरीक्षक पुरुषोत्तम को सौंपी है।

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