Ajmer Discom News: सूर्य की ऊर्जा से बिजली भी, पर्यावरण संरक्षण भी!

ऊर्जा बचाने की शुरुआत स्विच ऑफ करने से नहीं, सोच बदलने से होगी

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Ajmer Discom News: बिजयनगर (सच कहूँ न्यूज़)। ऊर्जा संरक्षण की सबसे बड़ी चुनौती केवल तकनीक नहीं, बल्कि हमारे व्यवहार में बदलाव है। इसी सोच के साथ राजस्थान सरकार की ऊर्जा दक्षता, हरित ऊर्जा एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जारी प्रयासों से जन-जागरूकता को जोड़ते हुए अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड द्वारा श्री प्रज्ञा स्कूल, बिजयनगर में विद्युत सुरक्षा एवं ऊर्जा संरक्षण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अजमेर डिस्कॉम के जनसम्पर्क अधिकारी श्री सतीश सोनी एवं सहायक अभियंता श्री प्रमोद कुमार ने विद्यार्थियों को ऊर्जा संरक्षण और विद्युत सुरक्षा के व्यवहारिक एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी।

जनसम्पर्क अधिकारी सतीश सोनी ने कहा कि राजस्थान सरकार द्वारा ऊर्जा के क्षेत्र में हरित ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सफलता में जनभागीदारी महत्वपूर्ण है। राजस्थान सरकार की प्राथमिकताओं में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देना और पारंपरिक ऊर्जा के उपयोग को कम करना भी शामिल है। उन्होंने कहा कि Technology energy consumption को efficient बना सकती है, लेकिन जागरूक नागरिक अनावश्यक consumption को पहचानकर उसे रोक सकता है। इसलिए विद्यार्थियों को केवल कार्यक्रम का participant बनाना उद्देश्य नहीं है, बल्कि उन्हें “आज के Energy Learners और कल के Responsible Energy Citizens” के रूप में विकसित करना जरूरी है।

विद्यार्थियों ने किया Walkthrough Energy Audit

कार्यक्रम के दौरान 10 विद्यार्थियों द्वारा Walkthrough Energy Audit किया गया। विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर में विद्युत उपकरणों के उपयोग, अनावश्यक ऊर्जा खपत तथा विद्युत सुरक्षा से जुड़े बिंदुओं का अवलोकन कर ऊर्जा बचत की संभावनाओं को समझा। इस गतिविधि का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि उन्हें ऊर्जा संरक्षण की प्रक्रिया से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ना रहा। सहायक अभियंता प्रमोद कुमार ने विद्यार्थियों को विद्युत सुरक्षा के तकनीकी पहलुओं की जानकारी देते हुए बताया कि—

  • एक ही सॉकेट पर अत्यधिक उपकरण लगाने से overloading और heating का खतरा बढ़ सकता है।
  • कटे, जले या ढीले तारों एवं क्षतिग्रस्त प्लग-सॉकेट का उपयोग नहीं करना चाहिए।
  • गीले हाथों से किसी भी विद्युत उपकरण को नहीं छूना चाहिए।
  • विद्युत उपकरणों में उचित earthing और सुरक्षा उपकरणों का होना आवश्यक है।
  • MCB/RCCB जैसे protective devices विद्युत दोष की स्थिति में सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • खराब विद्युत उपकरण में स्वयं मरम्मत करने के बजाय qualified electrician की सहायता लेनी चाहिए।
  • ऊर्जा संरक्षण के लिए उपकरण की केवल क्षमता नहीं, बल्कि उसके actual usage pattern पर भी ध्यान देना आवश्यक है।

उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि “सुरक्षित बिजली का उपयोग ही समझदार बिजली का उपयोग है।” विद्युत सुरक्षा में छोटी सी लापरवाही दुर्घटना का कारण बन सकती है, जबकि छोटी सी सावधानी जीवन बचा सकती है। विद्यालय के प्रधानाचार्य मिथिलेश शर्मा ने अजमेर डिस्कॉम द्वारा विद्यार्थियों के लिए आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम की सराहना की तथा विद्युत सुरक्षा एवं ऊर्जा संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को विद्यार्थियों तक पहुंचाने के लिए अजमेर डिस्कॉम का आभार व्यक्त किया।

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