शिक्षा और रोजगार
Ganesh Raj Bansal Arrested: विधायक गणेश राज बंसल संगरिया कोर्ट में हुए पेश, 25 तक पुलिस रिमांड
सुबह सीआईडी-सीबी ने मजिस्ट्रेट के आवास पर किया पेश, 23 साल पुराने फर्जी पट्टा मामले में गिरफ्तारी
Ganesh Raj Bansal Arrested: हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। 23 साल पुराने फर्जी पट्टा मामले में गिरफ्तार हनुमानगढ़ के निर्दलीय विधायक गणेश राज बंसल को नगर परिषद के सभापति पद के चुनाव के दिन सोमवार सुबह सीआईडी-सीबी की टीम ने कड़ी सुरक्षा के बीच संगरिया में मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया। अदालत ने विधायक को 25 सितंबर तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। विधायक को सुबह करीब 6 बजे संगरिया स्थित मजिस्ट्रेट के आवास पर पेश किया गया। सीआईडी-सीबी के एसीपी सतपाल सिंह की टीम विधायक को लेकर संगरिया लेकर पहुंची। मजिस्ट्रेट के समक्ष हुई विधायक की पेशी के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा।
अदालत की कार्रवाई के बाद पुलिस विधायक को पूछताछ एवं मामले की जांच के लिए अपने साथ ले गई। पेशी से पहले कुछ समय के लिए विधायक को संगरिया थाना भी ले जाया गया। विधायक को सीआईडी-सीबी की ओर से शनिवार रात्रि को हनुमानगढ़ से बीकानेर जाते समय गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी की सूचना सामने आने के बाद हनुमानगढ़ में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। मामला वर्ष 2003 में नगर परिषद की सरकारी भूमि के कथित रूप से गलत तरीके से जारी किए गए आवासीय पट्टों से जुड़ा है।
इस संबंध में हनुमानगढ़ जंक्शन थाना पुलिस ने विधायक गणेश राज बंसल, उनकी पत्नी एवं तत्कालीन नगर पालिकाध्यक्ष संतोष बंसल, तत्कालीन अधिशासी अधिकारी भंवरलाल सोनी सहित पांच जनों के खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। रिपोर्टांे के अनुसार दोनों मामले सरकारी भूमि से जुड़े कथित फर्जी पट्टों और उनसे संबंधित अनियमितताओं के आरोपों पर दर्ज किए गए हैं।
शिकायतकर्ता संदीप सोनी (35) पुत्र रतनलाल सोनी की ओर से दी गई रिपोर्ट में गणेश राज बंसल, उनकी पत्नी संतोष बंसल, तत्कालीन अधिशासी अधिकारी भंवरलाल सोनी और दो भूखंड धारकों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना, कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल और आपराधिक साजिश सहित आरोप लगाए गए हैं। चूंकि मामले में वर्तमान विधायक का नाम शामिल है, इसलिए प्रकरण का अनुसंधान सीआईडी-सीबी को सौंपा गया है। इस प्रकरण में सीआईडी-सीबी को विधायक की पत्नी संतोष बंसल की भी तलाश थी। हालांकि, पूर्व पालिकाध्यक्ष संतोष बंसल को सोमवार को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत मिल गई।