Hanumangarh Election Results: नगर परिषद के इतिहास में पहली बार निर्दलीय के हाथ में सभापति की कमान

गणेश राज बंसल खेमे की मंजू रणवां ने रचा इतिहास

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हनुमानगढ़ (सच कहूँ न्यूज)। नगर परिषद हनुमानगढ़ के सभापति पद के चुनाव में निर्दलीय विधायक गणेश राज बंसल खेमे की प्रत्याशी मंजू रणवां ने जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। मंजू रणवां को कुल 35 मत मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी विनीता बतरा को 16 और कांग्रेस प्रत्याशी सुशीला खीचड़ को 9 मत प्राप्त हुए। इस तरह मंजू रणवां ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा प्रत्याशी को 19 मतों के अंतर से हराकर सभापति पद पर कब्जा किया। हनुमानगढ़ नगर परिषद के इतिहास में यह पहला मौका है, जब निर्दलीय के हाथ में सभापति की कमान आई है।

खास बात यह रही कि मंजू रणवां के पति सुमित रणवां नगर परिषद के निवर्तमान सभापति रह चुके हैं। पति के बाद अब सभापति की कुर्सी पर पत्नी बैठेंगी। रणवां दंपती ने पिछले चुनावों में भी जीत दर्ज की थी और इस बार भी दोनों टीम गणेश राज बंसल खेमे से पार्षद चुने गए हैं। जीत की घोषणा होते ही बंसल खेमे के समर्थकों में जश्न का माहौल बन गया। समर्थकों ने नारेबाजी की और गुलाल उड़ाकर खुशी जताई। सभापति पद के चुनाव की मतदान प्रक्रिया टाउन स्थित नगर परिषद कार्यालय में हुई।

मतदान प्रक्रिया के दौरान तनाव का माहौल बना रहा। नगर परिषद कार्यालय के आसपास का क्षेत्र पुलिस छावनी के रूप में तब्दील रहा। सभापति पद के बाद अब सबकी नजर उपसभापति पद के लिए 22 सितंबर, मंगलवार को होने वाली निर्वाचन प्रक्रिया पर टिकी है। नामांकन सुबह 10 बजे से 11 बजे तक लिए जाएंगे। आवश्यकता होने पर इसी दिन दोपहर 2.30 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान कराया जाएगा।

कांग्रेस का एक कटा तो भाजपा का एक जुड़ा

हनुमानगढ़ नगर परिषद में कुल 60 वार्ड हैं और चुनाव से पहले उपलब्ध परिणामों में 34 निर्दलीय, 15 भाजपा और 10 कांग्रेस पार्षद निर्वाचित हुए थे। एक वार्ड माकपा के खाते में गया था। सभापति पद के चुनाव के लिए सोमवार को हुए मतदान की दिलचस्प बात यह रही कि कांग्रेस के 10 पार्षदों में से एक पार्षद ने क्रॉस वोटिंग की। इस वजह से कांग्रेस प्रत्याशी को 9 वोट ही मिले, जबकि भाजपा का एक मत बढ़ गया। भाजपा को निर्दलीय पार्षद मंगतराम बावरी का साथ मिला, जो भाजपा पार्षदों के साथ ही मतदान करने पहुंचे थे। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस के 10 पार्षदों में से 9 पार्षद ही पूर्व उपसभापति अनिल खीचड़ के साथ मतदान करने पहुंचे। वार्ड नंबर 52 से पार्षद चुनी गईं कांग्रेस समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी सुनीता ने क्रॉस वोटिंग की। उनका मत निर्दलीय प्रत्याशी मंजू रणवां के पक्ष में पोल हुआ।

बाड़ेबंदी से सुबह ट्रेन के जरिए हनुमानगढ़ पहुंचे निर्दलीय पार्षद

सभापति चुनाव को लेकर सोमवार अलसुबह से ही सियासी हलचल रही। मतदान से पहले पूर्व सभापति एवं निर्दलीय पार्षद सुमित रणवां विधायक गणेश राज बंसल खेमे व उनके समर्थित 35 निर्दलीय पार्षदों के साथ बीकानेर में बाड़ेबंदी से सीधे ट्रेन से हनुमानगढ़ जंक्शन रेलवे स्टेशन पहुंचे। सुबह करीब पांच बजे रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद सुमित रणवां और पार्षद पैदल शहीद भगत सिंह चौक की ओर रवाना हुए। इस दौरान समर्थकों ने विधायक गणेश राज बंसल के समर्थन में नारे लगाए। इसके बाद विधायक खेमे के पार्षदों को शहीद भगत सिंह चौक के नजदीक गुरुद्वारा सिंह सभा में ठहराया गया। इस दौरान पूर्व सभापति सुमित रणवां ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि न्यायालय के आदेश के बावजूद धक्केशाही की जा रही है। उन्होंने पूर्व मंत्री और उनके पुत्र पर भी आरोप लगाए तथा आशंका जताई कि उन्हें मतदान से वंचित किया जा सकता है।

गुरुद्वारा पहुंची पुलिस, हाईकोर्ट का नोटिस देख लौटी

विधायक गणेश राज बंसल खेमे के निर्दलीय पार्षदों के हनुमानगढ़ पहुंचने की सूचना मिलते ही पुलिस गुरुद्वारा सिंह सभा में पहुंची। सुमित रणवां ने डीएसपी मीनाक्षी सहारण और जंक्शन थाना प्रभारी रामचंद्र कस्वा को हाईकोर्ट का नोटिस दिखाया। इसके बाद पुलिस वहां से वापस लौट गई। इससे पहले हाईकोर्ट ने मंजू रणवां की याचिका पर राज्य सरकार और पुलिस से जवाब मांगा था तथा दंडात्मक कार्रवाई पर रोक संबंधी आदेश जारी किया था।

मतदान प्रक्रिया शुरू होने से कुछ समय पहले गुरुद्वारा साहिब से निर्दलीय पार्षदों को अलग-अलग वाहनों में टाउन स्थित गुरुद्वारा शहीद बाबा सुखासिंह, शहीद बाबा महताब सिंह में ले जाया गया। मतदान शुरू होने के बाद विधायक गणेश राज बंसल खेमे की सभापति पद की प्रत्याशी मंजू रणवां हाईकोर्ट का लिखित आदेश साथ लेकर नगर परिषद पहुंचीं और मतदान किया। उनके साथ मनजिन्द्र लेघा ने मतदान किया। इसके कुछ देर बाद सुमित रणवां के नेतृत्व में उनके सहित शेष 33 निर्दलीय पार्षदों का दल नगर परिषद पहुंचा और मतदान किया। समर्थकों की ओर से गणेश राज बंसल के समर्थन में नारे लगाए गए।

भारी सुरक्षा के बीच मतदान

सभापति चुनाव को देखते हुए नगर परिषद के आसपास भारी पुलिस जाप्ता तैनात किया गया। टाउन नगर परिषद की ओर आने-जाने वाले मार्गों पर बैरिकेडिंग कर आवागमन नियंत्रित किया गया। पुलिस और विशेष टास्क फोर्स के जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात रहे। जिला पुलिस अधीक्षक बी आदित्य स्वयं नगर परिषद पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे। मतदान शुरू होने के बाद सबसे पहले विधायक गणेश राज बंसल खेमे की प्रत्याशी मंजू रणवां और पार्षद मनजिंद्र लेघा ने मतदान किया। विधायक खेमे के पार्षदों के साथ मतदान करने पहुंचे पूर्व सभापति सुमित रणवां ने कहा कि भगवान और जनता से बड़ा कोई नहीं, हनुमानगढ़ झुकेगा नहीं, हनुमानगढ़ जीतेगा और जनता देखेगी।

कांग्रेस के पार्षदों ने सबसे अंत में किया मतदान

भाजपा सभापति प्रत्याशी विनीता निशांत बतरा के नेतृत्व में भाजपा के 15 पार्षद नगर परिषद पहुंचे। उनके साथ निर्दलीय पार्षद मंगतराम बावरी भी पहुंचे। भाजपा पार्षदों ने मतदान के बाद नगर परिषद से प्रस्थान किया। वहीं कांग्रेस पार्षदों के नगर परिषद पहुंचने का इंतजार बना रहा। कांग्रेस के 9 पार्षदों ने सबसे अंत में मतदान किया। कांग्रेस के निर्वाचित पार्षद पूर्व उपसभापति अनिल खीचड़ के नेतृत्व में नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। करीब एक बजे कांग्रेस पार्षदों की ओर से मतदान करने से सभी 60 वार्डांे की वोटिंग पूरी हो गई। मतदान की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद मतगणना की गई और दोपहर करीब डेढ़ बजे मंजू रणवां को 35 मत मिलने की घोषणा के साथ ही उनकी जीत तय हो गई।

लोकतंत्र की हुई जीत : सुमित रणवां

मंजू रणवां की जीत घोषित होने के बाद उनके पति सुमित रणवां ने कहा कि यह जनता की जीत है। जनता ने खुद अपना लोकतंत्र बचाया है। इतनी विकट परिस्थितियों के बावजूद निर्दलीय विधायक गणेश राज बंसल खेमे के पार्षदों की ओर से जो धैर्य बनाकर रखा गया, वह काबिले तारीफ है। उन्होंने पूर्व मंत्री और उनके पुत्र पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि हनुमानगढ़ शहर में पहले कभी ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न नहीं हुईं।

अगर इस तरह लोकतंत्र की हत्या की जाती रहेगी तो चुनाव करवाने का कोई मतलब नहीं रह जाता। उन्होंने उच्च न्यायालय का धन्यवाद करते हुए कहा कि न्यायिक तंत्र ने रविवार को चीफ जस्टिस के आदेश से न्यायालय खोलकर उनकी धर्मपत्नी मंजू रणवां की रिट पर आदेश किया कि निर्वाचित पार्षदों को मतदान करने से न रोका जाए। क्योंकि उन्हें शक था कि उनकी किसी न किसी मामले में गिरफ्तारी करवाई जा सकती है। हाईकोर्ट ने उनके सभी पार्षदों की गिरफ्तारी पर भी स्टे दिया। उन्होंने कहा कि एकता में बल है। जहां लोकतंत्र हार रहा होता है, वहां जब भगवान और जनता साथ खड़ी होती है तो लोकतंत्र की विजय होती है। आज लोकतंत्र व हनुमानगढ़ जीता है।

गणेश बंसल की गिरफ्तारी के बीच हुआ चुनाव

सभापति चुनाव से ठीक पहले निर्दलीय विधायक गणेश राज बंसल की 23 साल पुराने फर्जी पट्टा मामले में गिरफ्तारी से भी चुनावी माहौल गरमा गया था। बंसल की गिरफ्तारी के बाद रविवार को उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया था। चुनाव से पहले बंसल खेमे की ओर से 35 निर्दलीय पार्षदों के समर्थन का दावा किया जा रहा था। मतदान के नतीजे में भी मंजू रणवां को 35 मत मिले। इस जीत के साथ ही हनुमानगढ़ नगर परिषद में सभापति पद पर बंसल समर्थित निर्दलीय खेमे की प्रत्याशी मंजू रणवां निर्वाचित हो गईं।

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