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Groundnut farming: मूंगफली की खेती में अच्छी पैदावार व अच्छे भाव मिलने से खिले किसानों के चेहरे
10 से 12 क्विंटल प्रति एकड़ उत्पादन और 7 से 8 हजार रुपए क्विंटल तक मिल रहा भाव
Groundnut farming: नाथूसरी चौपटा, (सच कहूँ/भगत सिंह)। पिछले कुछ वर्षों से खेती में लगातार बढ़ती लागत और कम मुनाफे से परेशान चोपटा क्षेत्र के किसानों के लिए इस बार मूंगफली की फसल राहत लेकर आई है। अच्छी पैदावार के साथ मंडी में मिल रहे बेहतर भाव ने किसानों के चेहरे खिला दिए हैं। नाथूसरी चौपटा खंड में इस बार करीब 6500 हेक्टेयर में मूंगफली की बिजाई हुई है।
किसानों के अनुसार औसतन 10 से 12 क्विंटल प्रति एकड़ तक उत्पादन हो रहा है, जबकि मूंगफली का भाव 7 हजार से 8 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक मिल रहा है। इसके अलावा मूंगफली का भूसा भी 10 से 15 हजार रुपए प्रति एकड़ तक बिक रहा है। किसानों के मुताबिक मूंगफली और भूसे से होने वाली आमदनी को मिलाकर करीब एक लाख रुपए प्रति एकड़ तक की आय हो रही है। ऐसे में लंबे समय से घाटे का सौदा बनी खेती में इस बार मूंगफली ने किसानों को आर्थिक राहत दी है। इन गांवों में किसानों ने अपनाई मूंगफली की खेती
चोपटा क्षेत्र के कुम्हारिया, कागदाना, खेड़ी, गुसाईंयाना, निर्बाण, रूपावास, रायपुर, जमाल, बरासरी, रंधावा सहित कई गांवों में किसानों ने बड़े स्तर पर मूंगफली की खेती की है। इस बार फसल का उत्पादन और बाजार भाव दोनों किसानों के अनुकूल रहने से मूंगफली की खेती फायदे का सौदा साबित हो रही है। गांव निर्बाण के किसान जसवंत सिंह भांभू ने बताया कि उन्होंने पांच एकड़ में मूंगफली की बिजाई की थी। उनकी फसल का उत्पादन करीब 12 से 14 क्विंटल प्रति एकड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि मूंगफली और उसके भूसे को मिलाकर प्रति एकड़ एक लाख रुपए से अधिक की आमदनी हुई है। किसान सुल्तान सिंह, महेंद्र सिंह और जगदीश ने बताया कि पिछले कई वर्षों से खेती में लागत बढ़ने के कारण मुनाफा कम होता जा रहा था। इस बार मूंगफली की फसल ने किसानों को राहत दी है। उन्होंने बताया कि मानसून की बारिश कम होने से शुरूआत में चिंता जरूर हुई थी, लेकिन फसल का उत्पादन और भाव अच्छा मिलने से नुकसान की भरपाई हो गई।