शिक्षा और रोजगार
डेरा श्रद्धालु ने नहर में गिरी बुजुर्ग महिला को सही समय पर अस्पताल पहुंचाकर बचाई जान
बुजुर्ग महिला के पति ने पूज्य गुरु जी व डेरा श्रद्धालु परिवार का तहेदिल से किया धन्यवाद
बरनाला (जसवीर गहल/रमनीक बत्ता)। Barnala News: कस्बा भदौड़ के एक डेरा श्रद्धालु ने अपनी सूझ-बूझ और समय पर मदद देकर एक बुजुर्ग महिला की जान बचाकर मानवता भलाई की मिसाल कायम की है। जानकारी के अनुसार, शहिणा के नजदीक से गुजरती सरहिंद-बठिंडा ब्रांच नहर में एक बुजुर्ग महिला के गिरने की सूचना मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए और कुछ युवाओं ने महिला को नहर में से बाहर निकाल लिया। इस दौरान वहाँ से गुजर रहे डेरा सच्चा सौदा की इकाई ब्लॉक तपा-भदौड़ के प्रेमी सेवक प्रवीण कुमार इन्सां अपनी पत्नी आशा इन्सां (जो आशा वर्कर हैं) को सिविल अस्पताल में लगी ट्रेनिंग के लिए छोड़ने बरनाला जा रहे थे। रास्ते में शहिणा नहर पर लोगों की भीड़ देखकर वह भी रुक गए।
उन्होंने देखा कि कुछ युवाओं ने एक बुजुर्ग महिला, जो नहर में बहती जा रही थी, को बाहर निकाला है। उन्होंने बताया कि पेट में पानी भर जाने के कारण नहर से निकाली गई महिला को दंदल पड़ चुकी थी। स्थिति को देखते हुए उनकी पत्नी आशा इन्सां ने तुरंत सूझ-बूझ से काम लेते हुए उसकी दंदल खोली। इसके बाद उन्होंने अपनी गाड़ी से उक्त महिला को पहले शहिणा के एक निजी डॉक्टर से प्राथमिक सहायता दिलवाई। होश आने पर महिला की पहचान दविन्द्र कौर (65) पत्नी रतन सिंह निवासी भदौड़ के रूप में हुई। इसके बाद प्रवीण कुमार ने महिला के पति से संपर्क किया और अपनी गाड़ी से मरीज को तुरंत सिविल अस्पताल बरनाला में भर्ती करवाया, जहाँ उसका इलाज चल रहा है।
ऐसे युवाओं के कारण इन्सानियत जिंदा है
महिला के पति रतन सिंह उर्फ बाबा ने बताया कि दविन्द्र कौर मानसिक रूप से परेशान रहती हैं, जिसके चलते सिविल अस्पताल बरनाला से उनकी दवा भी चल रही है। उन्होंने बताया कि वह घर से कस्बे की गैस एजेंसी में गैस सिलेंडर लेने के लिए गए थे और पर्ची कटवाकर लाइन में ही खड़े थे, लेकिन महज आधे घंटे के अंदर ही दविन्द्र कौर मानसिक परेशानी की हालत में भदौड़ से शहिणा के पास से गुजरती नहर तक पहुंच गई।
उन्होंने पूज्य गुरु जी व प्रवीण कुमार और उनकी पत्नी का तहेदिल से धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी समय पर की गई मदद और अस्पताल पहुंचाने के प्रयास के कारण ही आज उनकी पत्नी की जान बच सकी है। उन्होंने डेरा सच्चा सौदा की शिक्षाओं की सराहना करते हुए प्रवीण कुमार इन्सां और उनके परिवार का तहेदिल से धन्यवाद किया। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे युवाओं के कारण ही इन्सानियत जिंदा है।