सीमा इन्सां: सांसें थमीं, लेकिन जाते-जाते भी नहीं थमा सेवा का सफर

अमर सेवा मुहिम के तहत सीमा इन्सां ने किया मरणोपरांत शरीरदान

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सरसा, (सच कहूँ/सुनील वर्मा)। जिस शरीर से जिंदगी भर इंसानियत की सेवा की, उसी शरीर को दुनिया से विदा होने के बाद भी मानव सेवा के लिए समर्पित कर दिया गया। ब्लॉक कल्याण नगर की परमार्थ कॉलोनी निवासी 51 वर्षीय सीमा इन्सां पत्नी डॉ. राजकुमार इन्सां के निधन के बाद उनके परिवार ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनकी पार्थिव देह मेडिकल रिसर्च के लिए दान कर दी। डेरा सच्चा सौदा की अमर सेवा मुहिम के तहत उनकी देह एनसी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, इसराना (पानीपत) को सौंपी गई। सीमा इन्सां का सेवा भाव और परिवार का यह निर्णय समाज के सामने ऐसी मिसाल छोड़ गया, जिसमें जीवन के अंतिम पड़ाव के बाद भी दूसरों के लिए उपयोगी बनने का संदेश है। Sirsa News

बता दें कि सीमा इन्सां ने पूज्य गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां की पावन प्ररेणा पर चलते हुए जीते जी ही मरणोंपरांत शरीरदान का संकल्प लिया हुआ था। डिंग मंडी निवासी और वर्तमान में परमार्थ कॉलोनी में रह रहीं सीमा इन्सां पिछले कुछ समय से कैंसर के चलते अस्वस्थ थीं। वीरवार अलसुबह शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल में उनका निधन हो गया। इसके बाद परिजनों ने उनकी इच्छा के अनुरूप मरणोपरांत देहदान का निर्णय लिया। उनके आवास पर साध-संगत की ओर से अरदास की गई। इसके बाद फूलों से सजी एंबुलेंस में उनकी पार्थिव देह रखकर शाह मस्ताना जी-शाह सतनाम जी धाम डेरा सच्चा सौदा सरसा तक अंतिम विदाई यात्रा निकाली गई। 

इस दौरान शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर कमेटी के सेवादारों और साध-संगत ने जब तक सूरज चांद रहेगा, शरीरदानी सीमा इन्सां तेरा नाम रहेगा और शरीरदानी सीमा इन्सां अमर रहें के जयघोष लगाए। डेरा सच्चा सौदा के मुख्य गेट से धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा का इलाही नारा लगाकर नम आंखों से एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना किया गया। अंतिम विदाई के दौरान रास्ते में लोगों ने पुष्पवर्षा कर सीमा इन्सां को श्रद्धासुमन अर्पित किए। Sirsa News

दुख की घड़ी में भी परिवार ने लिया सेवा का संकल्प

सच्चे नम्र सेवादार राकेश बजाज इन्सां और कल्याण नगर ब्लॉक के ब्लॉक प्रेमी सेवक मा. सतीश इन्सां ने कहा कि सीमा इन्सां और उनका परिवार हमेशा मानवता भलाई के कार्यों में आगे रहा है। बीमारी के दौरान भी सीमा इन्सां सेवा कार्यों से जुड़ी रहीं। उन्होंने कहा कि दुख की घड़ी में भी परिवार ने देहदान का निर्णय लेकर समाज के सामने गुरुमुखता और मानवता भलाई का अनुकरणीय उदाहरण पेश किया है।

अंतिम विदाई में शामिल हुई साध-संगत

सीमा इन्सां की अंतिम विदाई में सच्चे नम्र सेवादार बहन-भाई, कल्याण नगर, सरसा, शाह सतनाम जी नगर, शाह सतनाम जी पुरा सहित कई ब्लॉकों की साध-संगत, सच्ची प्रेमी समिति के सेवादार और उनके रिश्तेदार मौजूद रहे। Sirsa News

मानवता भलाई कार्यों में रहती थीं अग्रणी

सीमा इन्सां ने परम पिता शाह सतनाम जी महाराज से गुरुमंत्र प्राप्त किया था। वह हमेशा मानवता भलाई के कार्यों में अग्रणी रहती थीं। उन्होंने शाह सतनाम जी गर्ल्स स्कूल में शिक्षिका के रूप में भी सेवाएं दीं। उनके निधन से परिवार और साध-संगत में शोक की लहर है। वह अपने पीछे पति डॉ. राजकुमार इन्सां, बेटा अनमोल इन्सां, पुत्री पलक इन्सां सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गईं। Sirsa News

बेटा-बेटी एक समान का संदेश भी दिया

डेरा सच्चा सौदा की बेटा-बेटी एक समान शिक्षा को आगे बढ़ाते हुए सीमा इन्सां की बेटी पलक इन्सां, बेटे अनमोल इन्सां और अन्य परिजनों ने अर्थी को कंधा दिया। परिवार के इस कदम ने बेटियों की समान भागीदारी और बेटा-बेटी में किसी तरह का भेदभाव न करने का संदेश दिया।

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