शिक्षा और रोजगार
JEE Advanced में 3 अटेम्प्ट की मांग तेज, 12 हजार से ज्यादा छात्रों ने भेजी याचिका
JEE Advanced में 3 अटेम्प्ट की मांग तेज, 12 हजार से ज्यादा छात्रों ने भेजी याचिका
नई दिल्ली: देशभर के आईआईटी उम्मीदवारों ने JEE Advanced में परीक्षा देने के मौजूदा अटेम्प्ट नियमों में बदलाव की मांग तेज कर दी है। छात्रों का कहना है कि उन्हें दो के बजाय तीन बार JEE Advanced में शामिल होने का मौका मिलना चाहिए। इस मांग को लेकर 12,000 से अधिक अभ्यर्थियों ने शिक्षा मंत्रालय, IIT काउंसिल और Joint Admission Board के समक्ष याचिका भेजी है।
छात्रों ने मांग की है कि या तो JEE Advanced में प्रयासों की अधिकतम संख्या बढ़ाकर तीन की जाए या फिर मौजूदा दो प्रयासों को लगातार तीन वर्षों के भीतर इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाए।
अभी क्या है JEE Advanced का नियम?
वर्तमान व्यवस्था के तहत उम्मीदवार अधिकतम दो बार और लगातार दो वर्षों में JEE Advanced की परीक्षा दे सकता है। आमतौर पर पहला प्रयास उस वर्ष किया जाता है, जिसमें उम्मीदवार 12वीं कक्षा की परीक्षा पास करता है। इसके बाद अगले वर्ष दूसरा प्रयास करने का अवसर मिलता है।
छात्रों का तर्क है कि कई अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी, कॉन्सेप्ट और समस्या समाधान क्षमता को बेहतर करने के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत होती है। ऐसे में केवल दो लगातार प्रयास उनके लिए पर्याप्त नहीं हो सकते।
JEE Main और JEE Advanced के नियमों में अंतर पर सवाल
अभ्यर्थियों ने अपनी याचिका में JEE Main और JEE Advanced के प्रयासों के नियमों में अंतर को भी प्रमुख मुद्दा बनाया है। छात्रों के अनुसार JEE Main में उम्मीदवारों को अपनी तैयारी और प्रदर्शन सुधारने के लिए अधिक अवसर मिलते हैं, जबकि JEE Advanced में केवल दो लगातार प्रयासों की सीमा है।
JEE Main में उम्मीदवारों को तीन लगातार वर्षों में कुल छह प्रयास करने का अवसर मिलता है। वहीं JEE Main के प्रदर्शन के आधार पर शीर्ष 2.5 लाख उम्मीदवार JEE Advanced के लिए पात्र होते हैं।
छात्रों का कहना है कि जब JEE Main पहले ही बड़ी संख्या में उम्मीदवारों में से JEE Advanced के लिए अभ्यर्थियों का चयन करता है, तो JEE Advanced में तीसरा प्रयास देने से परीक्षा की प्रतिस्पर्धा या उपलब्ध सीटों की संख्या में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।
छात्रों का तर्क- प्रतिभा को दो प्रयासों तक सीमित क्यों रखा जाए?
याचिका में छात्रों ने कहा है कि JEE Advanced केवल रटने या जानकारी याद रखने की परीक्षा नहीं है। इसमें विश्लेषणात्मक सोच, कॉन्सेप्ट की समझ और कठिन समस्याओं को हल करने की क्षमता की जरूरत होती है।
कई छात्रों को इन क्षमताओं को मजबूत करने के लिए लंबे समय तक तैयारी करनी पड़ती है। ऐसे में एक अतिरिक्त प्रयास उन्हें अपनी वास्तविक क्षमता दिखाने का अवसर दे सकता है।
छात्रों ने यह भी कहा कि JEE Advanced बेहद प्रतिस्पर्धी और दबाव वाली परीक्षा है। परीक्षा के दिन तनाव, स्वास्थ्य संबंधी समस्या या छोटी सी गलती भी किसी अभ्यर्थी के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है। इसलिए केवल दो प्रयासों के आधार पर किसी छात्र की क्षमता का आकलन करना हमेशा उचित नहीं हो सकता।
NEET के नियमों का भी दिया उदाहरण
उम्मीदवारों ने अपनी मांग के समर्थन में NEET का उदाहरण भी दिया है। छात्रों का कहना है कि NEET में उम्मीदवारों के लिए प्रयासों की कोई निर्धारित सीमा नहीं है और परीक्षा में शामिल होने के लिए ऊपरी आयु सीमा भी नहीं है।
इसी तरह JEE Main में छह प्रयासों का प्रावधान होने का हवाला देते हुए छात्रों ने सवाल उठाया है कि इंजीनियरिंग प्रवेश प्रक्रिया का हिस्सा होने के बावजूद JEE Advanced में केवल दो लगातार प्रयासों की सीमा क्यों रखी गई है।
उनका कहना है कि प्रयासों की संख्या बढ़ाने से मेहनती और सक्षम विद्यार्थियों को अपनी क्षमता साबित करने का बेहतर अवसर मिलेगा।
कोविड के दौरान अतिरिक्त प्रयास का भी दिया हवाला
JEE Advanced में तीन प्रयासों की मांग नई नहीं है। छात्र लंबे समय से परीक्षा के प्रयासों से जुड़े नियमों में बदलाव की मांग करते रहे हैं। अब उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान दिए गए अतिरिक्त प्रयास का भी उदाहरण दिया है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि महामारी जैसी असाधारण परिस्थितियों में परीक्षा व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है तो छात्रों के व्यापक हित में प्रयासों की संख्या पर भी दोबारा विचार किया जा सकता है।
छात्रों के मुताबिक तीसरा प्रयास देने से परीक्षा की गुणवत्ता या मूल्यांकन प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी। इसके बजाय इससे उन उम्मीदवारों को अपनी क्षमता साबित करने का एक और मौका मिलेगा, जो पहले दो प्रयासों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए।
अब फैसले पर टिकी छात्रों की नजर
12 हजार से अधिक उम्मीदवारों की याचिका के बाद अब छात्रों की नजर शिक्षा मंत्रालय और संबंधित संस्थाओं के फैसले पर है। अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि JEE Advanced में तीसरे प्रयास का विकल्प दिया जाए या दो प्रयासों को तीन लगातार वर्षों में इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाए।
यदि नियमों में बदलाव होता है, तो इसका सीधा असर देशभर में IIT की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों की रणनीति और ड्रॉप ईयर से जुड़े फैसलों पर पड़ सकता है।