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Modipuram Gas leak: क्लोरीन गैस के रिसाव से मचा हड़कंप, हालत बिगड़ने पर कई अस्पताल में भर्ती
मेरठ के मोदीपुरम स्थित पल्लवपुरम फेस-2 में हुआ क्लोरीन गैस का रिसाव
Modipuram Gas leak: मोदीपुरम (सच कहूँ/एजेंसी)। मेरठ के मोदीपुरम क्षेत्र में क्लोरीन गैस के रिसाव की सूचना के बाद बुधवार को अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। मामला पल्लवपुरम फेस-2 के एन पॉकेट स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का बताया जा रहा है। गैस के संपर्क में आने के बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी सामने आई है। प्रभावित लोगों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही इलाके में रहने वाले लोगों को सतर्क किया गया। पल्लवपुरम रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से लोगों से अपील की गई कि वे घबराहट में घरों से बाहर न निकलें और एहतियात के तौर पर दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें।
स्थानीय लोगों को प्रभावित क्षेत्र से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस से जुड़ी परेशानी वाले लोगों को गैस वाले इलाके में जाने से बचने को कहा गया। गैस रिसाव की खबर फैलने के बाद आसपास के इलाकों में लोगों के बीच चिंता बढ़ गई। कई परिवारों ने सुरक्षा के मद्देनजर अपने घरों की खिड़कियां और दरवाजे बंद कर लिए। वहीं, कुछ लोग एहतियातन घरों से बाहर भी निकल आए।
एसटीपी परिसर में हुआ रिसाव
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, क्लोरीन गैस का रिसाव एसटीपी परिसर में हुआ। सूचना मिलते ही संबंधित कर्मचारी मौके पर पहुंचे और रिसाव को नियंत्रित करने की कार्रवाई शुरू की गई। अधिकारियों की प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, गैस का प्रभाव एसटीपी की सीमा से लगभग 50 मीटर के दायरे तक रहने की आशंका जताई गई। हालांकि, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में आने तक आसपास के लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, घटना के बाद कुछ लोगों ने आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत जैसी शिकायतें कीं। तबीयत बिगड़ने पर कुछ प्रभावित लोगों को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार कराया जा रहा है। घटना के बाद संबंधित विभागों की ओर से रिसाव रोकने और क्षेत्र में स्थिति सामान्य करने के प्रयास किए गए। फिलहाल किसी बड़े नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में एसटीपी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता दिखाई दी। लोगों ने गैस रिसाव के कारणों और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाए हैं। फिलहाल प्राथमिकता गैस रिसाव को पूरी तरह नियंत्रित करने और प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षित बनाने की है। घटना के वास्तविक कारण और प्रभावित लोगों की संख्या को लेकर संबंधित अधिकारियों की विस्तृत जानकारी का इंतजार है।