Cricket News: संजू सैमसन का बल्ले से जवाब, 22 गेंदों में तूफानी पारी
'मैं अभिषेक और वैभव को चुनौती के रूप में नहीं देखता'
नई दिल्ली (सच कहूँ/एजेंसी)। अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन ने अपने बल्ले से शानदार वापसी करते हुए 22 गेंदों में 57 रन की आक्रामक पारी खेली। अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम में खेली गई इस पारी में सैमसन ने 7 चौके और 4 छक्के लगाए। उनकी तेजतर्रार बल्लेबाजी ने एक बार फिर शीर्ष क्रम में अपनी उपयोगिता साबित की। सीरीज के पहले मुकाबले में सैमसन केवल 8 गेंदों का सामना करते हुए 10 रन बना पाए थे। दूसरे मैच में उन्होंने शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज अपनाया और गेंदबाजों पर दबाव बनाया। उनकी पारी ने टीम के लिए अहम योगदान दिया।
मैच के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान सैमसन से अभिषेक शर्मा और युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी से मिल रही प्रतिस्पर्धा को लेकर सवाल किया गया। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम के शीर्ष क्रम में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और ऐसी स्थिति टीम प्रबंधन के लिए आसान नहीं होती। सैमसन के मुताबिक, सभी खिलाड़ी देश के लिए खेल रहे हैं और उनका प्राथमिक उद्देश्य टीम को जीत दिलाना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एक खिलाड़ी के तौर पर उनका ध्यान उन चीजों पर रहता है, जो उनके नियंत्रण में हैं।
'हम बाहर से प्रतिद्वंद्वी, अंदर से एक टीम'
सैमसन ने कहा कि टीम के खिलाड़ियों को एक-दूसरे के खिलाफ नहीं, बल्कि एक ही लक्ष्य के लिए काम करने वाले साथियों के रूप में देखना चाहिए। उनके अनुसार मैदान के बाहर भले ही खिलाड़ियों के बीच स्थान को लेकर प्रतिस्पर्धा दिखाई देती हो, लेकिन ड्रेसिंग रूम में सभी भारतीय टीम की सफलता के लिए प्रयास करते हैं। उन्होंने माना कि कप्तान, मुख्य कोच और चयनकर्ताओं के लिए भी खिलाड़ियों के बीच चयन करना चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि कई खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का जिक्र करते हुए सैमसन ने कहा कि महज 15 साल की उम्र में आईपीएल में 700-800 रन बनाने के बाद किसी खिलाड़ी से प्रदर्शन की उम्मीदें बढ़ना स्वाभाविक है। उन्होंने बताया कि वैभव ने उनके बाद मिले अवसरों का अच्छा फायदा उठाया।सैमसन के अनुसार, जब उन्होंने कुछ मुकाबलों में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं किया और वैभव अच्छी लय में थे, तब टीम का लक्ष्य मैच जीतना था। ऐसे में नेतृत्व समूह के सामने चयन को लेकर कठिन फैसले लेने की स्थिति बनी।
टीम में संवाद को बताया अहम
सैमसन ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में टीम के खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के बीच स्पष्ट बातचीत जरूरी होती है। उन्होंने बताया कि इंग्लैंड सीरीज के दौरान भी इस विषय पर चर्चा हुई थी और मौजूदा सीरीज से पहले भी मुख्य कोच के साथ बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि नेतृत्व समूह टीम को प्राथमिकता देते हुए कई मुश्किल फैसले ले रहा है और ऐसे निर्णयों में संवाद की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। अफगानिस्तान के खिलाफ जारी टी20 सीरीज के शुरुआती दोनों मुकाबलों में वैभव सूर्यवंशी को भारतीय प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया। अब निगाहें सीरीज के तीसरे मुकाबले पर हैं, जहां टीम संयोजन में बदलाव होता है या नहीं, यह देखना दिलचस्प होगा।